म्यूनिख/लंदन: यूईएफए चैंपियंस लीग (Champions League) में बुधवार की रात दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। एक तरफ जहाँ बायर्न म्यूनिख ने रीयल मैड्रिड के खिलाफ सात गोलों के महा-रोमांचक संघर्ष में जीत दर्ज की, वहीं दूसरी तरफ आर्सेनल ने संयमित खेल दिखाते हुए अपना काम पूरा किया। दोनों ही टीमें अब प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुँच चुकी हैं।
बायर्न बनाम रियल मैड्रिड: अनुशासन ने बिगाड़ा रीयल का खेल
बायर्न म्यूनिख और रीयल मैड्रिड के बीच मुकाबला किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था। 90 मिनट तक चले खेल में दोनों ओर से कुल 7 गोल हुए। मैच का निर्णायक मोड़ तब आया जब रीयल मैड्रिड के एडुआर्डो कामाविंगा को रेड कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया गया। 10 खिलाड़ियों वाली मैड्रिड पर बायर्न ने दबाव बनाया। 89वें मिनट में लुइस डियाज़ ने गोल कर बायर्न को बढ़त दिलाई और इंजरी टाइम में माइकल ओलिस ने आखिरी गोल कर रीयल की विदाई तय कर दी। बायर्न के कोच विंसेंट कंपनी ने इस जीत का श्रेय खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती को दिया।
आर्सेनल: बिना जोखिम लिए सेमीफाइनल का सफर
आर्सेनल के लिए राह थोड़ी अलग थी। स्पोर्टिंग लिस्बन के खिलाफ पहले लेग में 1-0 की बढ़त का फायदा उठाते हुए आर्सेनल ने दूसरे लेग में डिफेंस पर जोर दिया। हालांकि, मिकेल अर्टेटा की टीम का आक्रमण (मार्टिनेली, मादुएके) फीका नजर आया, लेकिन गोलकीपर डेविड राया और मजबूत रक्षण ने स्पोर्टिंग को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। गोलरहित ड्रॉ के साथ आर्सेनल कुल स्कोर के आधार पर सेमीफाइनल में पहुंच गया।
अब आगे क्या?
सेमीफाइनल की राह अब और कठिन होने वाली है।
बायर्न म्यूनिख का मुकाबला स्टार खिलाड़ियों से सजी पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) से होगा।
आर्सेनल का सामना एटलेटिको मैड्रिड से होगा, जहाँ कोच डिएगो सिमोन के डिफेंस को भेदना अर्टेटा के लिए बड़ी चुनौती होगी।