इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और कप्तान केविन पीटरसन का दावा है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के कारण उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया। पीटरसन का मानना है कि उनके और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट के बीच मतभेद हो गए थेष जिसकी वजह से उनका करियर समय से पहले समाप्त हो गया। पूर्व इंग्लिश खिलाड़ी ने 33 साल की उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
IPL के लिए मैंने अपने करियर का बलिदान दिया
पीटरसन के इतनी कम उम्र में संन्यास लेने की खूब चर्चा हुई थी। उन्होंने इसके कारण का खुलासा अब किया है। उनका ये भी दावा है कि इंग्लैंड के खिलाड़ी, जो आज आईपीएल में खेल रहे हैं, इसका कारण वही हैं। उन्होंने अपने करियर का बलिदान दिया, जिसके परिणामस्वरूप ही आज आईपीएल में इंग्लैंड के खिलाड़ी खेलते हुए दिखाई देते हैं। बता दें कि उन्होंने जल्दी संन्यास लेकर सभी को हैरान कर दिया था।
हर कोई मेरे खिलाफ हो गया था
रणवीर अल्लाहबादिया के साथ पॉडकास्ट में बात करते हुए पीटरसन ने कहा कि, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने की इजाजत नहीं दी थी। बोर्ड के इस रुख की वजह से लंबे समय तक विवाद चलता रहा। इसकी वजह से मेरा इंटरनेशनल क्रिकेट करियर जल्दी समाप्त हो गया। मैंने बहुत त्याग किए हैं। मैंने अपना करियर खो दिया। इसी कारण की वजह से वहां पर हर कोई मेरे खिलाफ हो गया था।
मुझे 12-13 हजार रन बनाने चाहिए थे
पूर्व इंग्लिश कप्तान पीटरसन ने आगे कहा कि, जब मेरा इंटरनेशनल करियर समाप्त हुआ, तो मेरी उम्र 33 साल थी। मैंने 104 टेस्ट मैच खेले। मुझे 150-160 टेस्ट मैच खेलने चाहिए थे और 12-13 हजार रन बनाने चाहिए थे। मुझे यही हासिल करना चाहिए था। आज भी मुझे इसकी वजह से अधूरापन महसूस होता है।
मैंने कुछ समय पहले जोस बटलर का इंटरव्यू लिया था
पीटरसन का मानना है कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा। हालांकि, आज के समय में इंग्लैंड के खिलाड़ियों के लिए आईपीएल में खेलने का इसने रास्ता खोल दिया था। उन्होंने कहा कि, मैंने कुछ समय पहले जोस बटलर का इंटरव्यू लिया था। उन्होंने मुझे धन्यवाद दिया था। मैंने जो बलिदान दिया था, उसका फल आज इन खिलाड़ियों को मिल रहा है।