नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए बाजार मूल्य पर बिकने वाले 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर का दैनिक कोटा दोगुना कर दिया है। यह कदम खाड़ी देशों में तनाव के चलते गैस सप्लाई में संभावित बाधाओं के बीच ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दैनिक कोटा बढ़ाने का निर्देश दिया गया
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि 6 अप्रैल को जारी पत्र के जरिए राज्यों को दैनिक कोटा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। नए निर्देशों के अनुसार, मार्च की शुरुआत की औसत दैनिक आपूर्ति के मुकाबले कोटा दोगुना कर दिया गया है।
5 किलो और 14.2 किलो सिलेंडर में अंतर
आम घरेलू रसोई में उपयोग होने वाला 14.2 किलो वाला सब्सिडी वाला सिलेंडर 913 रुपये में उपलब्ध है।
वहीं 5 किलो वाला सिलेंडर, जो बाजार मूल्य पर बिकता है, दिल्ली में 549 रुपये का है।
यह छोटा सिलेंडर खासकर कामकाज की तलाश में शहर आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि उनके पास अक्सर नियमित एलपीजी कनेक्शन नहीं होता।
खरीद प्रक्रिया और बिक्री डेटा
7.8 लाख 5 किलो वाले सिलेंडर बिक चुके हैं
छोटे सिलेंडर एलपीजी वितरक को पहचान पत्र दिखाकर आसानी से खरीदे जा सकते हैं। सुजाता शर्मा ने बताया कि 23 मार्च से अब तक लगभग 7.8 लाख 5 किलो वाले सिलेंडर बिक चुके हैं, जबकि सिर्फ सोमवार को ही 1.06 लाख से ज्यादा सिलेंडरों की बिक्री हुई। सरकार का यह कदम प्रवासी मजदूरों की राहत और घरेलू गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है।