रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। प्रदेश कांग्रेस ने बालोद जिले में प्रस्तावित जंबूरी 2026 के आयोजन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि आयोजन से जुड़े कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही शुरू कर दिए गए, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस प्रकरण में विभागीय मंत्री और संबंधित अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, इसलिए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच बेहद जरूरी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुबोध हरितवाल ने बताया कि जंबूरी आयोजन का टेंडर 3 जनवरी को जेम (GeM) पोर्टल पर खुलना प्रस्तावित था, लेकिन उससे पहले ही शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, बालोद स्थित आयोजन स्थल पर एक निजी कंपनी द्वारा पूरी तैयारी के साथ काम शुरू कर दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किए किसी निजी कंपनी को काम सौंपना सरकारी नियमों के खिलाफ है और इससे भ्रष्टाचार की आशंका को बल मिलता है। पार्टी ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इससे पहले भी कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता लेकर मामले की जानकारी दी थी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे। दो दिन पहले हुई प्रेस वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल ने जानकारी देते हुए कहा था कि जुम्बूरी 2026 के लिए टेंडर 3 जनवरी को जेम (GeM) पोर्टल पर खुलना था, लेकिन उससे पहले ही आयोजन स्थल शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बालोद में एक निजी कंपनी द्वारा पूरी तैयारी के साथ काम शुरू कर दिया गया। इससे पूरी निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जो निविदाकर्ता नियमों का पालन करते हुए टेंडर खुलने का इंतजार कर रहे थे, उनका इसमें क्या दोष है। यदि पहले से तय कंपनी को काम दिया गया, तो अन्य कंपनियों को हुए संभावित नुकसान की भरपाई कौन करेगा, यह भी बड़ा सवाल है।
फिलहाल, इस आरोप पर स्कूल शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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