अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को अस्थिरता के दौर में धकेल दिया है। इसी संघर्ष के दौरान भारतीय अभिनेत्री लारा दत्ता अपनी बेटी सायरा के साथ दुबई में मौजूद थीं। अचानक शुरू हुए हमलों और मिसाइल अवरोधन की घटनाओं ने वहां रहने वाले लोगों के लिए भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया। भारत लौटने के बाद अभिनेत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह समय उनके और उनकी बेटी दोनों के लिए मानसिक रूप से बेहद कठिन था।
सोशल मीडिया पर साझा किया भावुक अनुभव
संघर्ष के दौरान अभिनेत्री ने एक भावुक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने उस समय की स्थिति का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि सामान्यतः वह इस प्रकार के वीडियो साझा करने से बचती हैं, क्योंकि इससे भय या घबराहट फैल सकती है। हालांकि उस समय उन्हें लगा कि शायद यह संदेश उनका आखिरी संदेश भी हो सकता है, क्योंकि वे अपनी बेटी के साथ बेहद अनिश्चित और जोखिम भरी यात्रा पर निकलने वाली थीं।
दुबई में तीन वर्षों से रह रहा था परिवार
अभिनेत्री ने बताया कि उनका परिवार पिछले तीन वर्षों से दुबई में रह रहा था। उनकी बेटी सायरा पेशेवर स्तर पर टेनिस का प्रशिक्षण ले रही हैं और इसी कारण परिवार ने वहां रहने का निर्णय लिया था। उस समय उनके पति महेश भूपति काम के सिलसिले में लंदन में थे, जबकि लारा दत्ता और उनकी बेटी दुबई में अकेली थीं। युद्ध की शुरुआत के साथ ही स्थिति अचानक बदल गई और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी हो गए।
मिसाइल हमलों की आवाज से दहशत
अभिनेत्री के अनुसार उनके मोबाइल फोन पर हर कुछ घंटों में सुरक्षा चेतावनी संदेश आने लगे थे। उन्हें घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई थी। जिस स्थान पर वे रह रही थीं वह एक प्रमुख बंदरगाह से लगभग दस किलोमीटर की दूरी पर था, जहां लगातार हमलों की खबरें आ रही थीं। कई बार मिसाइलों के अवरोधन के बाद होने वाली तेज आवाजें सुनाई देती थीं, जो वातावरण को और अधिक भयावह बना देती थीं।
जोखिम उठाकर सड़क मार्ग से किया सफर
स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती देख अभिनेत्री ने भारत लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि वे सड़क मार्ग से लगभग दो घंटे की यात्रा कर फुजैरा हवाई अड्डे तक पहुंचीं, जहां से उन्हें उड़ान मिली। इस यात्रा के दौरान भी भय का माहौल बना हुआ था, क्योंकि एक दिन पहले ही फुजैरा बंदरगाह और तेल शोधन संयंत्र के आसपास हमलों की खबर आई थी। अभिनेत्री ने मजाक में कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था मानो वह किसी युद्ध आधारित फिल्म का हिस्सा बन गई हों।
बेटी के मन पर पड़ सकता है प्रभाव
लारा दत्ता ने स्वीकार किया कि इस पूरे अनुभव का उनकी बेटी पर मानसिक प्रभाव पड़ सकता है। युद्ध की आवाजें, लगातार अलर्ट और अनिश्चितता का वातावरण किसी भी बच्चे के लिए तनावपूर्ण हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षित भारत लौट आने के बाद उन्हें राहत महसूस हो रही है और वे उन सभी लोगों की आभारी हैं जिन्होंने उनके लिए प्रार्थनाएं कीं और शुभकामनाएं भेजीं।
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