लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्रतीक को याद करते हुए भावुक बयान दिया और बताया कि कैसे वह युवा उम्र से ही अपने सपनों और सेहत को लेकर गंभीर थे। अखिलेश यादव ने परिवार के साथ खड़े रहने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की बात भी कही।
'मेहनती और सेहत के प्रति जागरूक था प्रतीक'
अखिलेश यादव ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतीक का जाना पूरे परिवार के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा- "प्रतीक आज हमारे बीच नहीं है, इसका मुझे बहुत दुख है। वह एक ऊर्जावान नौजवान था। बचपन से ही वह अपने स्वास्थ्य (Health) के प्रति बहुत सचेत रहता था और जीवन में हमेशा आगे बढ़ने का जज्बा रखता था। वह अपनी मेहनत के दम पर कुछ बड़ा करना चाहता था।"
2 महीने पहले हुई थी आखिरी मुलाकात
अखिलेश यादव ने अपनी पुरानी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि करीब दो महीने पहले ही उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी। उन्होंने बताया- "आज की तारीख तो मैं नहीं बदल सकता, लेकिन जब पिछली बार मुलाकात हुई थी, तब मैंने उसे समझाया था कि अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखो और अपने बिजनेस को पूरी लगन से आगे बढ़ाओ।"
कारोबार में नुकसान और मानसिक दबाव का जिक्र
सपा प्रमुख ने जीवन के संघर्षों पर बात करते हुए संकेत दिया कि शायद वित्तीय परेशानियों ने उसे परेशान किया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी फाइनेंशियल कारोबार (Financial Business) में होने वाले नुकसान से इंसान अंदर तक टूट जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस दुख की घड़ी में वह पूरी तरह परिवार के साथ हैं।
'कानून और परिवार का फैसला ही सर्वोपरि'
भविष्य की कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि इस मामले में जो भी कानूनी प्रक्रिया होगी और परिवार के लोग जो भी फैसला लेंगे, उसे पूरी तरह माना जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "परिवार जो कहेगा, हम वही करेंगे।"