लखनऊ - कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जन्मदिन पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिलीं। प्रधानमंत्री मोदी सहित कई भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर, सामाजिक सेवा कार्यक्रम और जनकल्याण गतिविधियों का आयोजन किया।

राहुल गांधी को चित्र में दिखाया भगवान परशुराम का रूप
राहुल गांधी के जन्मदिन को लेकर कांग्रेस समर्थकों ने कई राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए। कहीं जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया गया तो कहीं रक्तदान और सामाजिक सेवा के माध्यम से जन्मदिन मनाया गया। इसी दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में दर्शाते हुए पोस्टर और तस्वीरें साझा किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लेकर बहस शुरू हो गई और विपक्ष तथा सत्तापक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
भाजपा ने जताई आपत्ति
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस तरह के चित्रण पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस पर धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक व्यक्तियों की तुलना देवी-देवताओं या धार्मिक प्रतीकों से करना उचित नहीं है। कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अलग-अलग स्तर पर सामने आई है। पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि यह कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अभिव्यक्ति है, जबकि विरोधी दल इसे राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बता रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी के नेताओं की बुद्धी पर पत्थर पड़ गया है
इस तरह के चित्रण पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि, कांग्रेस पार्टी के नेताओं की बुद्धी पर पत्थर पड़ गया है। भगवान परशुराम भगवान विष्णु के अवतार हैं। भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता पाठक ने आगे कहा कि, भगवान परशुराम की बराबरी करना राहुल गांधी को काफी महंगा पड़ेगा। ये हो ही नहीं सकता। जो सनातन विरोधी है वो कैसे भगवान परशुराम की बराबरी के बारे में सोच सकता है ?