अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के तहत उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार को यमुना नदी के बरगद घाट पर विशेष ‘जल योग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनोखी पहल के माध्यम से लोगों को योग के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में तैराकों ने हाथों में योगासन के पोस्टर लेकर योग का संदेश दिया और नदी के बीच विभिन्न योग मुद्राओं का प्रदर्शन किया।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने लिया हिस्सा
जल योग कार्यक्रम में तैराकी सीखने आए बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। घाट पर योग दिवस को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को पानी के भीतर और किनारे पर सूर्य नमस्कार, शवासन, वज्रासन, मत्स्यासन, अनुलोम-विलोम समेत कई योग क्रियाएं कराईं। इस दौरान सामूहिक रूप से ‘ओम’ का उच्चारण भी किया गया।
40 वर्षों से तैराकी के साथ योग का प्रशिक्षण
नवजीवन स्विमिंग एकेडमी के स्विमिंग कोच त्रिभुवन निषाद ने बताया कि उनकी संस्था पिछले 40 वर्षों से तैराकी का प्रशिक्षण दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने तैराकी के साथ योग को भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया।
उन्होंने कहा कि हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले जल योग का आयोजन किया जाता है, जिससे बच्चों और युवाओं में योग के प्रति रुचि बढ़ती है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी मिलते हैं।
जल योग से बढ़ती है इम्युनिटी और स्टैमिना
कोच त्रिभुवन निषाद के अनुसार, जल योग शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। इससे स्टैमिना मजबूत होता है और सर्वाइकल जैसी कई समस्याओं में राहत मिल सकती है। उन्होंने बताया कि एकेडमी में आने वाले सभी बच्चों को स्विमिंग के साथ योग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यहां 3 साल के बच्चों से लेकर 80 वर्ष तक के लोग योग और तैराकी का लाभ उठा रहे हैं।
योग दिवस को लेकर लोगों में उत्साह
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने बताया कि जल योग से उन्हें दोहरा लाभ मिलता है। एक ओर जहां तैराकी शरीर को फिट रखती है, वहीं योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
एक महिला प्रतिभागी ने कहा कि स्विमिंग के साथ जल योग करने से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है और दिनभर ताजगी बनी रहती है। वहीं दूसरी महिला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जल योग करना गर्व की बात है और सभी लोगों को नियमित योग अपनाना चाहिए।
150 से अधिक देशों में मनाया जाता है योग दिवस
कोच त्रिभुवन निषाद ने बताया कि आज दुनिया के 150 से अधिक देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और इसे वैश्विक पहचान दिलाने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि जल योग का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि योग को जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ और खुशहाल जीवन जिया जा सकता है।
योग से स्वास्थ्य और जीवनशैली में सुधार
कार्यक्रम में शामिल बुजुर्ग प्रतिभागियों ने भी योग के फायदों का जिक्र करते हुए कहा कि नियमित योग से सांस संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है और शरीर सक्रिय बना रहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों की सराहना की।