रायपुर। भीषण गर्मी से जूझ रहे छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक तेज आंधी, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश की संभावना जताई गई है। गुरुवार शाम रायपुर सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। बस्तर से लेकर सरगुजा और रायपुर संभाग तक मौसम में बदलाव का असर साफ दिखाई देने लगा है।
गुरुवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बस्तर संभाग के कई जिलों में हुई बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की संभावना भी जताई गई है।
इन जिलों में आंधी और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग ने नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
बस्तर संभाग में अच्छी बारिश, रायपुर में उमस बरकरार
सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। जगदलपुर समेत कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
वहीं राजधानी रायपुर में दिनभर उमस और गर्मी बनी रही। यहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि शाम और रात के समय रायपुर समेत मैदानी इलाकों में भी आंधी और बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
सक्रिय मौसम प्रणालियों का दिख रहा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पंजाब से बिहार तक बनी द्रोणिका और पूर्वी विदर्भ से दक्षिण भारत तक सक्रिय मौसम प्रणाली का प्रभाव छत्तीसगढ़ पर पड़ रहा है। बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण बादलों की सक्रियता बढ़ गई है, जिससे शाम के समय गरज-चमक और बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं।
अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघ गर्जन की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जल्द आगे बढ़ सकता है मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार से पांच दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़ के और क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है। प्रदेश में बढ़ती नमी और बादलों की सक्रियता मानसूनी परिस्थितियों को मजबूत कर रही है।
यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है तो जून के अंतिम सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की शुरुआत हो सकती है। विभाग ने आकाशीय बिजली और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर किसानों और पशुपालकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।