सिरसा - हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिरसा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान योग और भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता पर बड़ा बयान दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि सनातन परंपरा से जुड़ी मानव कल्याण की प्राचीन विधा है।
योग की जड़ें भारतीय संस्कृति में
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने इस संबोधन में आगे कहा कि, हमारे ऋषि-मुनियों ने मानवता के कल्याण के लिए योग जैसी अमूल्य परंपराएं विकसित कीं। उन्होंने कहा कि आज यही प्राचीन ज्ञान पूरी दुनिया में अपनाया जा रहा है और एक वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुका है।
पीएम मोदी की भूमिका का जिक्र
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पीएम मोदी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए जोरदार वकालत की थी। उन्होंने बताया कि भारत के प्रस्ताव के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया।
वैश्विक आंदोलन बना योग
सीएम सैनी ने कहा कि आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के हर देश में लोग इसे अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक शक्ति और वैश्विक योगदान का बड़ा उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है कि भारतीय परंपरा से निकला योग आज पूरी दुनिया में लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है और स्वास्थ्य तथा मानसिक शांति का माध्यम बन रहा है।