गोंडा - महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों और पूरे विवाद को लेकर बयान दिया है। उन्होंने हरियाणा के महादेव रेसलिंग एकेडमी और हुड्डा परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई थी।
चुनावी रंजिश को बताया साजिश की वजह
विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर बृजभूषण ने कहा कि उनके खिलाफ कथित साजिश के पीछे कई कारण थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने भूपेंद्र हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा को चुनाव में हराया था। उस समय भूपेंद्र हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। बृजभूषण के मुताबिक, इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि ने विवाद को हवा देने में भूमिका निभाई।
कोर्ट के फैसले का किया जिक्र
पूर्व सांसद ने अदालत के फैसले की प्रति मिलने के बाद दावा किया कि उन्होंने 18 जनवरी 2023 को जो बातें कही थीं, न्यायिक रिकॉर्ड में वही बातें सामने आई हैं। उन्होंने पहलवानों की ओर से अलग-अलग स्तर पर दिए गए बयानों में विरोधाभास होने का भी दावा किया। बृजभूषण ने कहा कि अदालत में दो पीड़ितों के बयान दर्ज हुए और इन्हीं के आधार पर फैसला आया। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत की ओर से ‘एक परिवार, एक अखाड़ा’ से जुड़ा निष्कर्ष उनके बयान पर नहीं, बल्कि दो पीड़ित लड़कियों द्वारा जज के चैंबर में दिए गए बयानों पर आधारित था।
नियमों में बदलाव को भी बताया विवाद की वजह
पूर्व सांसद ने कहा कि उन्होंने जूनियर पहलवानों के हित में कुछ नियमों में बदलाव किए थे। इनमें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना, मेडिकल कारणों से प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो पाने वाले खिलाड़ियों के लिए व्यवस्था, कैंप में रहना और बड़े टूर्नामेंट से पहले ट्रायल जैसी प्रक्रियाएं शामिल थीं।
‘सीधे बड़े मुकाबलों में भेजने की मांग थी’
बृजभूषण ने आरोप लगाया कि कुछ पहलवान चाहते थे कि उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की निर्धारित प्रक्रिया से गुजरे बिना सीधे बड़े मुकाबलों में भेजा जाए। उनके मुताबिक, नियमों में किए गए बदलावों को लेकर भी विरोध हुआ और बाद में यह विवाद राजनीतिक मुद्दा बन गया। हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह के ये आरोप उनके अपने दावे हैं। मामले से जुड़े न्यायिक निष्कर्षों और अन्य पक्षों के बयानों को अलग-अलग आधार पर देखा जाना जरूरी है।