लखनऊ- NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य की रक्षा और प्रतिभा के सम्मान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अब पेपर लीक माफिया कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएंगे।
CM योगी ने सोशल मीडिया पर जताया समर्थन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक अपराध के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन का फैसला "राष्ट्र की निर्णायक आवाज" है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से नए भारत में प्रतिभा के साथ न्याय होगा, मेहनत को उसका सम्मान मिलेगा और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को कानून जल्द, कठोर और निर्णायक सजा देगा।
'युवाओं का हित सर्वोपरि'
योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि नए भारत में युवाओं का हित सर्वोपरि है और सरकार हर उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, जो परीक्षा प्रणाली को प्रभावित कर लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के फैसले को युवाओं में भरोसा बढ़ाने वाला कदम बताते हुए कहा कि इससे परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।
PM मोदी ने किया था बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को घोषणा की थी कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं और सरकार विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार ठोस फैसले ले रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
NEET आंदोलन के बीच आया बयान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी बीच प्रधानमंत्री की घोषणा और उस पर मुख्यमंत्री योगी का समर्थन राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई उसकी प्राथमिकता है।