उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के झांसी में 36 वर्षीय मंजू अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। 6 अक्टूबर को मंजू ने अपना जन्मदिन मनाया था, लेकिन अगले ही दिन यानी 7 अक्टूबर को वह अपने घर में फंदे पर लटकी मिली। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मुक्तिधाम पहुंचे। इसी बीच मंजू के मायके पक्ष ने उसकी मौत पर संदेह जताते हुए हत्या की आशंका जाहिर की। शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुकवा दी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस मौत की असली वजह का पता लगाने में जुटी है।
अंतिम संस्कार के बीच पहुंची पुलिस, रुकवाई प्रक्रिया
यह पूरा मामला झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के मसीहागंज इलाके का है। यहां मंजू अहिरवार अपने पति अजय प्रताप के साथ रहती थी। मंजू की मौत की खबर मिलने के बाद उसका भाई मनोज कुमार अपनी पत्नी गीता के साथ झांसी पहुंचा। मायके पक्ष ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए और हत्या की आशंका जताई। इसके बाद भाई ने पुलिस से शिकायत की और मामले की जांच की मांग की। शिकायत मिलने पर पुलिस टीम मंजू के घर पहुंची, लेकिन तब तक शव को अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले जाया जा चुका था। पुलिस ने तत्काल मुक्तिधाम पहुंचकर अंतिम संस्कार रुकवा दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवाया गया और पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
पहली शादी से एक बेटा, दूसरी शादी से दो बच्चे
मंजू की पारिवारिक जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव रहे थे। उसकी भाभी गीता के मुताबिक, मंजू की पहली शादी वर्ष 2006 में ज्योरौन गांव में हुई थी। इस शादी से उसका एक बेटा है, जिसकी उम्र करीब 18 वर्ष बताई जा रही है। वैवाहिक जीवन में मनमुटाव के बाद मंजू अपने पहले पति से अलग हो गई थी और मायके में रहने लगी थी। इसी दौरान उसकी नजदीकियां अपनी ममेरी बहन के देवर अजय प्रताप से बढ़ीं। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और करीब 11 साल पहले उन्होंने शादी कर ली। दूसरी शादी के बाद मंजू अपने बेटे के साथ अजय के घर रहने लगी। इस शादी से उसके दो बच्चे हुए। परिजनों के मुताबिक, शुरुआती वर्षों में परिवार माता-पिता के पास रहा, लेकिन बाद में झांसी आकर रहने लगा।
पिता की मौत के बाद संपत्ति विवाद का दावा
मंजू के मायके पक्ष ने परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद होने का दावा भी किया है। परिजनों के मुताबिक, मंजू के पिता की वर्ष 2022 में मौत हो गई थी। इसके बाद वर्ष 2023 में मंजू ने अपने और अपने बेटे के हिस्से को लेकर परिवार के सामने अपनी बात रखी थी। इस मामले में शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई है। मंजू की भाभी गीता के अनुसार, पिछले करीब दो वर्षों से परिवार के लोगों की मंजू से बातचीत नहीं थी। बाद में रिश्तेदारों के माध्यम से जानकारी मिली कि मंजू मायके की संपत्ति में हिस्सा लेने की इच्छुक नहीं थी। वहीं, मायके पक्ष का आरोप है कि उसके पति की ओर से संपत्ति में हिस्सा लेने का दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, संपत्ति विवाद और मंजू की मौत के बीच किसी तरह के संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
भाई ने जताई हत्या की आशंका, मारपीट का भी आरोप
मंजू के भाई मनोज कुमार ने अपनी बहन की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उसका आरोप है कि मंजू को वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। भाई के मुताबिक, मंजू के साथ पहले भी मारपीट होने की बातें सामने आती रही थीं। मनोज ने आशंका जताई कि उसकी बहन की हत्या करने के बाद शव को फंदे पर लटकाया गया हो सकता है। उसने पति-पत्नी के बीच शराब को लेकर विवाद होने की बात भी कही है। इसके अलावा, झांसी पहुंचने के बाद मायके पक्ष के लोगों का ससुराल वालों से विवाद होने और उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, ये सभी आरोप मायके पक्ष की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल शिकायत में बताए गए सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
पति ने आरोपों को नकारा, कहा- घर से बाहर था
दूसरी ओर, मंजू के पति अजय प्रताप ने हत्या के आरोपों को खारिज किया है। अजय के मुताबिक, वह पेट्रोल पंप पर काम करता है और घटना वाले दिन भी काम पर गया हुआ था। उसने बताया कि उसका बेटा भी काम पर गया था और घर पर मंजू मौजूद थी। पति का दावा है कि उसके घर से बाहर रहने के दौरान मंजू ने फांसी लगा ली। परिवार के लोगों ने उसे फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अजय ने कहा कि उसे भी इस बात की जानकारी नहीं है कि मंजू ने ऐसा कदम क्यों उठाया। उसका यह भी कहना है कि घटना से एक दिन पहले ही परिवार ने मंजू का जन्मदिन मनाया था और उस दौरान किसी तरह के विवाद की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने अभी तक मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
सीपरी बाजार थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि महिला के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। मृतका के भाई की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम मुक्तिधाम पहुंची और अंतिम संस्कार रुकवा दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवाया गया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कराई गई। फिलहाल मंजू अहिरवार की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। एक तरफ पति इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि दूसरी तरफ भाई ने हत्या की आशंका जताई है। ऐसे में पुलिस दोनों पक्षों की बातों और सामने आए तथ्यों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौत के कारणों का पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगी। अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।