संभल: बकरीद के त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए संभल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। जिले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए डीएम और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने भारी पुलिस बल के साथ नखासा और कोतवाली क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों, बाजारों और प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
डीएम-एसपी ने लोगों को दिलाया सुरक्षा का भरोसा
फ्लैग मार्च के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जाए और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए।
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों ने जवानों को लगातार भ्रमणशील रहने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और प्रभावी चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके।
30 से ज्यादा मस्जिदों में अदा होगी नमाज
बकरीद के मौके पर गुन्नौर और गांव सैंजना मुस्लिम समेत करीब 30 मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी। नगर की प्रमुख मस्जिदों में जामा मस्जिद, सुन्नी नूरानी मदीना मस्जिद, लाल मस्जिद, मजनू शाह मस्जिद, दालान वाली मस्जिद, काजियान मस्जिद और रजा मस्जिद शामिल हैं। वहीं गांव सैंजना मुस्लिम की मदीना मस्जिद, जामा मस्जिद और अन्य मस्जिदों में भी नमाज होगी।
70 से अधिक पुलिसकर्मियों की लगाई गई ड्यूटी
गुन्नौर कोतवाली प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि बकरीद को लेकर 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन ने कुर्बानी के बाद निकलने वाले अपशिष्ट को निर्धारित गड्ढों में डालने के निर्देश दिए हैं ताकि स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो।
खुले में पशु छोड़ने पर प्रशासन सख्त
प्रशासन ने पशुपालकों को नोटिस जारी कर त्योहार के दौरान पशुओं को खुले में न छोड़ने की हिदायत दी है। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करने की अपील
सुन्नी नूरानी मदीना मस्जिद के मौलाना हाफिज फुरकान रजा ने लोगों से अपील की कि कुर्बानी सार्वजनिक स्थानों पर न करें और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचें। उन्होंने बताया कि ईद की नमाज के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू होकर 30 मई के सूर्यास्त तक चलेगा।