लखनऊ। उत्तरप्रदेश में पिछले 10 दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हिंडन, गंगा, घाघरा, गंडक और शारदा समेत 10 नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है, सड़कों पर पानी भर गया है और हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
10 नदियां उफान पर, कई जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण बागपत और नोएडा में हिंडन नदी, बदायूं में गंगा, अयोध्या, गोंडा और बलिया में घाघरा तथा कुशीनगर में गंडक नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
लखीमपुर खीरी में गांव बने टापू
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का पानी कई गांवों में घुस गया है। दो से तीन गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो चुके हैं। कई सड़कें तेज बहाव में बह गई हैं, जिससे गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है।घरों में पानी भरने के कारण लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं। कच्चे मकानों में रहने वाले कई परिवार अपने घर छोड़कर हाईवे और सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी शिविरों में रहने लगे हैं। नदी किनारे लगातार हो रहे कटाव से खेत, मिट्टी और पेड़ भी नदी में समा रहे हैं।
गोंडा में 12 गांवों पर मंडराया खतरा
घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से गोंडा जिले के 12 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।वहीं महराजगंज जिले में एक तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कई जिलों में दर्ज हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को इटावा में सबसे अधिक 27 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हमीरपुर में 18 मिलीमीटर, लखनऊ में 6.5 मिलीमीटर, सुल्तानपुर में 4.6 मिलीमीटर और कानपुर में 3.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।गुरुवार को प्रदेश के 69 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। इनमें 42 जिलों में औसतन 2.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
आज 54 जिलों में बारिश की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 54 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री योगी ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश, बाढ़ और आकाशीय बिजली से प्रभावित जिलों के अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा किया जाए और पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, भोजन, पेयजल तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट रहें और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन और बचाव दल अलर्ट पर
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन, एनडीआरएफ और स्थानीय राहत दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। कई जिलों में नावों और राहत सामग्री की व्यवस्था की गई है ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर विशेष ध्यान दें।