उत्तरप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियां उफान पर हैं। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बिजनौर और फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है, जबकि सड़कों, स्कूलों और खेतों में पानी भरने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें 65 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
गंगा का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का कारण
लगातार हो रही बारिश के चलते बिजनौर और फर्रुखाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। बढ़ते जलस्तर के कारण 45 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में घरों और खेतों में पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ रहा है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
हाईवे पर बहा नदी का पानी, सड़क धंसी
बिजनौर में गंगा का तेज बहाव राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया। नदी का पानी हाईवे के ऊपर से बहने लगा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। तेज बहाव के कारण हाईवे की अप्रोच रोड का एक हिस्सा बह गया और सड़क पर करीब 12 फीट गहरा गड्ढा बन गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही सीमित कर दी है।फर्रुखाबाद में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। चित्रकूट डिप क्षेत्र में पानी भर जाने के कारण बैरिकेडिंग लगाकर हाईवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। बिजनौर और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में करीब 40 सरकारी स्कूलों में पानी भर गया है। कई स्कूल परिसरों में कक्षाएं संचालित करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने की तैयारी कर रहा है।
प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी
बुधवार सुबह से वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, नोएडा समेत करीब 10 शहरों में लगातार तेज बारिश दर्ज की गई। वहीं लखनऊ, बाराबंकी, वाराणसी, प्रयागराज सहित लगभग 30 शहरों में बादल छाए रहे और रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला जारी रहा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें से 65 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील की है।
मंगलवार को भी हुई थी झमाझम बारिश
इससे पहले मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मथुरा समेत 57 शहरों में वर्षा हुई। सबसे अधिक 69.3 मिलीमीटर बारिश बांदा में रिकॉर्ड की गई, जबकि सुल्तानपुर में 61.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मथुरा में भारी बारिश के कारण एक अंडरपास में करीब चार फीट तक पानी भर गया, जिससे कई वाहन फंस गए। स्कूटी और मोटरसाइकिलें पानी में डूब गईं और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।