बरेली। उत्तरप्रदेश में श्रावण मास के दौरान निकलने वाली कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने बरेली में मंडलीय समीक्षा बैठक कर कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
तीसरे और चौथे सोमवार को विशेष सतर्कता के निर्देश
डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस अधिकारियों को सावन के तीसरे और चौथे सोमवार के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने बताया कि इन दिनों कांवड़ यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।उन्होंने कांवड़ मार्गों पर लगातार निगरानी रखने, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
कांवड़ रूट पर मांस-मदिरा प्रतिबंध और सफाई व्यवस्था पर जोर
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के निर्धारित मार्गों पर शांति और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कांवड़ रूट पर मांस और मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध का प्रभावी पालन कराने के निर्देश दिए।इसके अलावा यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर रखने के लिए भी कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अफवाह और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना माहौल खराब कर सकती है। इसलिए ऐसे लोगों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेगी।
डीजे को लेकर संचालकों से बातचीत के निर्देश
कांवड़ यात्रा में बजने वाले डीजे को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। डीजीपी ने कहा कि डीजे की आवाज और आकार को लेकर निर्धारित नियमों का पालन कराया जाए। इसके लिए डीजे संचालकों से पहले ही बातचीत कर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नौ जिलों के अधिकारियों ने लिया बैठक में हिस्सा
बरेली में हुई इस मंडलीय समीक्षा बैठक में नौ जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में बरेली और मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर, एडीजी, आईजी और डीआईजी सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।बैठक में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल जिलों के अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की जानकारी दी।
जिला प्रशासन ने प्रस्तुत की तैयारियों की रिपोर्ट
कांवड़ यात्रा और सावन महीने की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष बुकलेट तैयार की है। इसमें यात्रा मार्ग, सुरक्षा इंतजाम, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य तैयारियों का विवरण शामिल किया गया। इस बुकलेट को मुख्य सचिव और डीजीपी के सामने प्रस्तुत किया गया।
सभी विभागों में बेहतर तालमेल के निर्देश
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसी बड़ी धार्मिक यात्रा को सफल बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन, नगर निकाय, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान गंगा एक्सप्रेसवे का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के साथ-साथ सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
शांतिपूर्ण यात्रा कराना प्रशासन की प्राथमिकता
प्रशासन का लक्ष्य है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिले। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रा में किसी भी तरह की बाधा डालने वालों या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।