उत्तरप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को राज्य के 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
पहाड़ों में भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा
उत्तराखंड और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर उत्तर प्रदेश की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। गंगा, यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं, जबकि घाघरा, शारदा सहित चार प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सोनभद्र में कनहर बांध के तीन गेट खोले गए
सोनभद्र जिले में लगातार बारिश के कारण कनहर बांध पूरी क्षमता तक भर गया है। जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने बांध के तीन गेट खोल दिए हैं, जिससे अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते आसपास के निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
बैराजों से छोड़े गए 3.20 लाख क्यूसेक पानी से बढ़ा बाढ़ का खतरा
बनबसा, गिरिजा और घाघरा बैराजों से करीब 3.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सीतापुर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी के कई गांवों और रिहायशी क्षेत्रों में पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
गांवों में घुस रहे मगरमच्छ, कई जिलों में बढ़ी चिंता
बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ भी आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने लगे हैं। सीतापुर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी के कई गांवों में मगरमच्छों के घरों तक पहुंचने की घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन और वन विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, कटान तेज
बागपत और नोएडा में हिंडन नदी, बदायूं में गंगा, गोंडा और बलिया में घाघरा तथा कुशीनगर में गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं बस्ती और अयोध्या में सरयू नदी के किनारे तेज कटान जारी है। तेज बहाव के कारण कई पेड़ नदी में समा गए हैं, जबकि तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।