गोरखपुर। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के लिए बड़ी घोषणा के संकेत दिए हैं। प्रदेश सरकार वकीलों को कैशलेस इलाज समेत अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि बार एसोसिएशन के साथ मिलकर प्रस्ताव तैयार किया जाए, सरकार इस दिशा में कदम उठाने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में करीब 4 लाख पंजीकृत अधिवक्ता हैं। यदि सरकार की यह योजना लागू होती है तो बड़ी संख्या में वकीलों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
अधिवक्ता कल्याण निधि को बढ़ाकर किया 5 लाख रुपये
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने बताया कि पहले अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि डेढ़ लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही कल्याण निधि के कॉर्पस फंड को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये किया गया है, ताकि इसके ब्याज से योजनाओं का संचालन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि अब तक करीब 4 हजार अधिवक्ताओं के परिवारों को 200 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। पहले यह सहायता 60 वर्ष की आयु तक सीमित थी, जिसे बढ़ाकर 70 वर्ष कर दिया गया है। इसके अलावा अधिवक्ता भवन और चैंबर निर्माण के लिए भी सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
2017 के बाद बदली यूपी की छवि: योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की छवि अलग थी और देश के अन्य हिस्सों में यूपी के लोगों को संदेह की नजर से देखा जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में उत्तर प्रदेश की पहचान विकास और बदलाव के रूप में हो रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के कारण लोगों का विश्वास बढ़ा है।
जहां पहले कट्टा बनते थे, वहां अब ब्रह्मोस मिसाइल तैयार हो रही
सीएम योगी ने प्रदेश में हुए औद्योगिक बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि जिन स्थानों पर पहले अवैध हथियार और बम बनाने की बातें सामने आती थीं, वहां अब ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसे बड़े प्रोजेक्ट हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और पलायन बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब राज्य में रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नए निवेश के जरिए प्रदेश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।