मानसून की बारिश ने एक बार फिर विकास के दावों की पोल खोल दी है। ऊधम सिंह नगर के चकरपुर गांव में वर्षों से बदहाल पड़ा नाला अब ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। नाले की समय पर सफाई नहीं होने से बारिश का पानी गलियों और सड़कों पर फैल रहा है। कई जगह जलभराव की स्थिति है जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने की कई बार शिकायत
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने न तो नाले की सफाई कराई और न ही स्थायी समाधान की दिशा में कोई कदम उठाया। अब लोगों का कहना है कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। चकरपुर गांव का यह नाला इन दिनों ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। बरसात शुरू होते ही नाला उफान पर आ जाता है और गंदा पानी सड़कों व आसपास के घरों तक पहुंचने लगता है। नाले में जमा सिल्ट कूड़ा-कचरा और झाड़ियां पानी की निकासी रोक रही हैं जिससे जलभराव की समस्या लगातार बढ़ रही है
जलभराव से लोगों को समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन को समस्या से अवगत कराया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि हर साल बारिश के समय केवल आश्वासन मिलते हैं जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। जलभराव के कारण बच्चों बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों को डर है कि यदि लगातार बारिश होती रही और नाले की सफाई नहीं हुई तो कई घरों में पानी घुस सकता है और जन-धन का नुकसान भी हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल नाले की सफाई कराई जाए जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाई जाए और भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो इसके लिए स्थायी योजना तैयार की जाए।