केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हरिद्वार दौरे के दौरान राम मंदिर में कथित चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे बेहद निंदनीय शर्मनाक और आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सरकार करेंगी निष्पक्ष जांच
चिराग पासवान ने कहा कि जिसने भी श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात करते हुए भ्रष्टाचार किया है उसे कानून के अनुसार कठोर सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी यदि कोई छोटा या बड़ा अधिकारी कर्मचारी अथवा पदाधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई एक मिसाल बनेगी ताकि भविष्य में कोई भी आस्था से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार करने का साहस न कर सके।
साक्ष्य जांच एजेंसी के समक्ष करें प्रस्तुत
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष से भी इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े तथ्य साक्ष्य या कोई महत्वपूर्ण जानकारी है तो उसे जांच एजेंसी या एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच में सहयोग मिल सके।
पासवान ने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की बजाय दोषियों को बेनकाब करना और उन्हें कानून के दायरे में लाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
ना खाऊँगा ना खाने दूँगा का संकल्प
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ना खाऊँगा ना खाने दूँगा के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी भी धर्मस्थल से जुड़े भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।