हरिद्वार के दादुपुर गोविंदपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर हो रहे कथित अवैध कब्जों के खिलाफ यू.पी सिंचाई विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की टीम ने अधिशासी अभियंता विकास त्यागी के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को रुकवा दिया। विभागीय कार्रवाई से कब्जाधारियों और निर्माण करा रहे लोगों में हड़कंप मच गया।
अवैध निर्माण की शिकायतें
जानकारी के अनुसार दादुपुर गोविंदपुर क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने और अवैध निर्माण होने की शिकायतें विभाग को मिल रही थीं। आरोप है कि हाई कोर्ट के स्टे वाले इलाके के आसपास भी धड़ल्ले से पक्के निर्माण किए जा रहे थे। शिकायतों के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का निर्णय लिया। सिंचाई विभाग की टीम क्षेत्र में पहुंची और निर्माण कार्यों की जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर निर्माण कार्य कराए जाते पाए गए जिन्हें तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जमीन की सुरक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी
अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने कहा कि सरकारी जमीन की सुरक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अब पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जाएगी और हर गतिविधि पर विभाग की नजर रहेगी।
सिंडिकेट से जुड़े लोगों की पहचान
उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान जहां भी अवैध निर्माण पाए जाएंगे वहां नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कब्जा सिंडिकेट से जुड़े लोगों की पहचान भी शुरू कर दी गई है। विभाग द्वारा तैयार की जा रही रिपोर्ट के आधार पर आगे और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतें उठती रही हैं लेकिन अब विभाग की सक्रियता के बाद कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है। विभाग की इस मुहिम को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है।