देवभूमि हरिद्वार में धार्मिक स्थलों की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों और भ्रामक पहचान के मामलों पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान चलाया है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जिले में ऑपरेशन कालनेमी के तहत पिरान कलियर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सत्यापन अभियान संचालित किया गया।
प्रारंभिक जांच में पहचान मिली संदेह
अभियान के दौरान पुलिस ने ऐसे 40 लोगों को हिरासत में लिया जो अलग-अलग राज्यों से आकर क्षेत्र में रह रहे थे। प्रारंभिक जांच में इनकी पहचान और गतिविधियों को लेकर संदेह पाए जाने पर सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस ने इन सभी के दस्तावेजों की जांच और पृष्ठभूमि सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना और आमजन की आस्था का दुरुपयोग करने वाले संदिग्ध तत्वों पर अंकुश लगाना है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के हर की पैड़ी के बाद अब पिरान कलियर क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई है।
उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह सत्यापन और निगरानी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत कर दिया गया है ताकि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और शांति व्यवस्था बनी रहे।