उधम सिंह नगर : जिला मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर किच्छा स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति में सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी कूड़े के ढेर बंद नालियां और बड़ी-बड़ी घास उगी होने से व्यापारी और किसान परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी और दुर्गंध के चलते बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
कुमाऊं के प्रवेश द्वार किच्छा की कृषि मंडी में रोजाना बड़ी संख्या में किसान व्यापारी और आम लोग पहुंचते हैं। यहां अनाज मंडी के साथ-साथ फ्रूट मंडी, सब्जी मंडी और मछली मंडी भी संचालित होती हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था खराब होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जगह-जगह कूड़े के ढेर बंद पड़ी नालियां
मंडी परिसर में कई स्थानों पर कूड़ा जमा होने की शिकायत है। वहीं नालियों में गंदगी जमा होने के कारण उनके बंद होने की बात भी सामने आई है। व्यापारियों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश के बाद मंडी की टूटी-फूटी सड़कों पर पानी भर जाता है जिससे आवाजाही प्रभावित होती है।
मंडी परिसर में जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उगने से सांप और कीड़े-मकौड़ों का खतरा भी बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें कामकाज के दौरान हर समय किसी अनहोनी की आशंका रहती है।
लाखों रुपये के खर्च के बावजूद सफाई पर सवाल
सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि मंडियों की सफाई पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं इसके बावजूद किच्छा मंडी में हालात में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।
कुछ सूत्रों की ओर से उत्तराखंड की 26 अनाज मंडियों में सफाई व्यवस्था से जुड़े ठेके और लाखों रुपये के भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों और भुगतान से संबंधित विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से किया जाना बाकी है।
वहीं सफाई व्यवस्था को लेकर राजनीतिक आरोप भी लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि सफाई का ठेका एक भाजपा नेता से जुड़े ठेकेदार को दिया गया है। हालांकि इस संबंध में संबंधित ठेकेदार या भाजपा संगठन का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे आरोप