कुंभ मेला 2027 को भव्य दिव्य सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में मेला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में हरिद्वार में मेलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में परामर्शदात्री समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें धार्मिक संस्थाओं सामाजिक संगठनों व्यापारिक प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए सुझाव
बैठक में कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए जिन पर प्रशासन ने गंभीरता से अमल का भरोसा दिलाया।मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने अवैध निर्माणों पर नियंत्रण और जनसुविधाओं के विस्तार पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसके साथ ही हरित हरिद्वार अभियान के तहत कुंभ को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
कुंभ सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम
मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम है जहां करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में व्यवस्थाओं को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी उपयोगी सुझावों को योजनाओं में शामिल कर कुंभ 2027 को ऐतिहासिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में सड़क चौड़ीकरण घाटों के विकास पार्किंग व्यवस्था पेयजल प्रकाश व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाएं स्वच्छता प्रबंधन और यातायात नियंत्रण जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
भीड़ प्रबंधन के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग
प्रशासन ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक सीसीटीवी नेटवर्क डिजिटल मॉनिटरिंग और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।उन्होंने कहा कि कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए प्रशासन स्थानीय नागरिकों धार्मिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित व्यवस्थित और यादगार अनुभव मिल सके।