हरिद्वार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचत की अपील का असर अब सरकारी दफ्तरों में साफ दिखाई देने लगा है। जनपद के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खुद पहल करते हुए सरकारी वाहन छोड़ पैदल कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ा संदेश दिया। डीएम की इस पहल का असर यह रहा कि कई अधिकारी और कर्मचारी भी पैदल साइकिल या दोपहिया वाहन से कार्यालय पहुंचने लगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पैदल शामिल
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के साथ हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह और मुख्य विकास अधिकारी भी जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पैदल ही शामिल होने पहुंचे। अधिकारियों की यह पहल आमजन के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
सरकारी वाहनों का कम इस्तेमाल का उपयोग
डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत को लेकर की गई अपील के बाद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से सरकारी वाहनों का कम इस्तेमाल करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के लिए वे स्वयं भी अपने आवास से कलेक्ट्रेट तक पैदल ही आया करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी खुद उदाहरण पेश करेंगे तो कर्मचारी और आमजन भी इसका अनुसरण करेंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से भी पेट्रोल-डीजल की बचत करने और अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचने की अपील की।