प्रयागराज में माफिया के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद तथा उनके सहयोगियों द्वारा कब्जाई गई जमीनों पर अब टाउनशिप विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी
जिला प्रशासन शहर के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की इन जमीनों को चिन्हित कर कुर्क करेगा और बाद में इन्हें प्रयागराज विकास प्राधिकरण को सौंपा जाएगा। इसके बाद यहां योजनाबद्ध तरीके से आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
अवैध कब्जे वाली जमीनों की पहचान शुरू
प्रशासन ने अवैध कब्जे वाली जमीनों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल कटहुला गौसपुर और एनुद्दीनपुर गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है, जिससे रजिस्ट्री पूरी तरह ठप हो गई है। अतीक और अशरफ की मौत के बाद कसारी-मसारी, कटहुला गौसपुर, एनुद्दीनपुर और शाह पीपल जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में अवैध संपत्तियों का पता चला था। इसके बाद प्रशासन ने इन गांवों की संपत्तियों की जांच तेज कर दी है।
संदिग्ध संपत्तियों की जांच की जा रही
सदर तहसील के अंतर्गत सभी संबंधित जमीनों की खतौनी निकाली जा चुकी है। नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपालों की टीमें संदिग्ध संपत्तियों की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद जमीन को कुर्क कर अटैचमेंट की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार, माफिया और उसके गुर्गों ने कई संपत्तियों को अपने करीबियों के नाम पर दर्ज कराया था, जबकि कुछ सरकारी जमीनों पर भी अवैध कब्जा किया गया था, जिन्हें अब मुक्त कराया जा चुका है। आने वाले समय में इन जमीनों पर प्लॉट, डुप्लेक्स और अपार्टमेंट विकसित किए जाएंगे, जिससे शहर के पश्चिमी क्षेत्र में आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।