Char Dham Yatra 2026 के सुचारू और व्यवस्थित संचालन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में आयुक्त गढ़वाल Vinay Shankar Pandey की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि
बैठक में होटल व्यवसायियों परिवहन संचालकों तथा डंडी-कंडी संघ के पदाधिकारियों ने भाग लिया। आयुक्त गढ़वाल ने स्पष्ट किया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है ऐसे में सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के बीच समन्वय बेहद आवश्यक है। बैठक में आवास यातायात प्रबंधन पंजीकरण व्यवस्था भीड़ नियंत्रण पार्किंग स्वच्छता और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी, जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे।आयुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्गों की स्थिति स्वास्थ्य सेवाएं पेयजल विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्थानीय व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं से भी सहयोग की अपील की गई ताकि यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुखद बनाया जा सके। प्रशासन का दावा है कि इस बार चारधाम यात्रा को और अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
Comments (0)