लालकुआँ कोतवाली क्षेत्र के टांडा रेंज में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ लगातार गंभीर रूप लेती जा रही हैं। बीते दिनों जंगली हाथी के हमले में दो पुरुषों की मौत के बाद 72 घंटे के भीतर एक महिला की भी दर्दनाक मौत हो गई थी। इन घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
लोग समय रहते वाहन छोड़कर भागे
इसी क्रम में अगले ही दिन एक और घटना सामने आई जब शाह पठानी खत्ते से टेम्पो में गेहूं लादकर लालकुआँ आ रहे वाहन पर जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया। हालांकि टेम्पो में सवार तीन लोग समय रहते वाहन छोड़कर भाग गए जिससे उनकी जान बच गई लेकिन हाथी ने गेहूं की बोरियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के अधिकारी सक्रिय हुए हैं। वन विभाग ने शाह पठानी खत्ते क्षेत्र में लोगों को जागरूक करते हुए जंगलों के नजदीक न जाने की अपील की है और गश्त भी बढ़ा दी गई है।
लोगों से की अपील
टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम ने बताया कि इस समय हाथियों का सहवास काल चल रहा है जिसके कारण वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से जंगल में न जाएँ और यदि जाना आवश्यक हो तो समूह में जाएँ तथा पूरी सावधानी बरतें।
वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए लगातार निगरानी और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।