केरल विधानसभा चुनावों की मतगणना के बीच सियासी तस्वीर तेजी से बदलती नजर आ रही है। राज्य में मुख्य मुकाबला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच है, लेकिन इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी कई सीटों पर प्रभाव दिखा रही है। मतगणना के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। कई सीटों पर एलडीएफ के दिग्गज नेता पीछे चल रहे हैं, जिससे मुकाबला और रोमांचक हो गया है।
एलडीएफ की कमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के हाथों में
वहीं, 2021 के चुनावों में खाता न खोल पाने वाली भाजपा इस बार बेहतर प्रदर्शन की ओर बढ़ती दिख रही है। शुरुआती रुझानों में पार्टी करीब पांच सीटों पर आगे चल रही है, जो उसके लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। एलडीएफ की कमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के हाथों में है, जिन्होंने अपने शासन मॉडल—कल्याणकारी योजनाओं और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स—के दम पर चुनाव लड़ा। दूसरी ओर, यूडीएफ ने सत्ता विरोधी लहर को मुद्दा बनाकर जनता को साधने की कोशिश की।
अंतिम नतीजों तक तस्वीर बदल सकती है
एग्जिट पोल में भी मुकाबले को बेहद करीबी बताया गया था। कुछ अनुमानों में एलडीएफ की वापसी के संकेत थे, तो कुछ में सत्ता परिवर्तन की संभावना जताई गई थी। फिलहाल के रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि केरल में इस बार मुकाबला बेहद कांटे का है और अंतिम नतीजों तक तस्वीर बदल सकती है।