नए साल पर पहाड़ों में पश्चिमी विक्षोभ का हल्का असर देखने को मिला। इस कारण चमोली जनपद के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। खासकर बद्रीनाथ धाम के आसपास की पहाड़ियों और हेमकुंड सप्त श्रृंग शिखरों पर, जिसमें हाथी घोड़ी पालकी, नीलगिरी, बरमल पीक, चिनाप वैली, सोना शिखर जैसी जगहें शामिल थीं।
सीजन की पहली बर्फबारी
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण सीजन की यह पहली हल्की बर्फबारी हुई। इसके अलावा, निचले इलाकों में भी हल्की बर्फबारी देखने को मिली। खासकर कुंवारी पास ट्रैक रूट के खुलारा कैम्प साईट, नीति वैली, और मलारी तक पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेते दिखे। नए साल के पहले दिन पर्यटकों ने कुंवारी पास ट्रैक पर पहुंचकर साल की पहली बर्फबारी का पूरा आनंद लिया। वहीं, विंटर डेस्टिनेशन औली और गोरसों बुग्याल में भी पर्यटक दिन भर बर्फबारी देखने के लिए पहाड़ों की ओर टकटकी लगाए हुए थे। इन स्थानों पर बर्फबारी का दृश्य सचमुच रोमांचक था, और पर्यटकों ने बर्फबारी के साथ स्नो पाउडर का लुत्फ उठाया। अब नए साल के दूसरे दिन की शुरुआत चटक खिली धूप के साथ हुई है, जिससे मौसम साफ और ठंडा है।
पर्यटकों का उत्साह
नए साल के पहले दिन, पर्यटक कुंवारी पास ट्रैक पर पहुंचे और बर्फबारी का अनुभव किया। वहीं, विंटर डेस्टिनेशन के रूप में प्रसिद्ध औली और गोरसों बुग्याल में पर्यटक दिनभर बर्फबारी के दृश्य को निहारते रहे। बर्फबारी के साथ स्नो पाउडर का आनंद लिया, जो इस मौसम को और भी रोमांचक बना दिया।
मौसम में बदलाव
नए साल के दूसरे दिन (2 जनवरी 2026) की शुरुआत चटक खिली धूप के साथ हुई, जिससे मौसम साफ और ठंडा था। सूरज की रोशनी में पहाड़ों की सुंदरता और भी बढ़ गई, और पर्यटकों ने ताजगी का अनुभव किया। इस हल्की बर्फबारी और साफ मौसम ने पर्यटकों को नए साल के जश्न को पहाड़ी इलाकों में एक अलग ही तरीके से मनाने का मौका दिया। यह उन लोगों के लिए एक आदर्श समय था जो बर्फबारी और ठंडी हवा के बीच नए साल की शुरुआत करना चाहते
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