वाराणसी - लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिर गया। इसके साथ ही परिसीमन बिल भी पास नहीं हो सका। महिला आरक्षण को लेकर देश की संसद से लेकर वाराणसी तकहलचल तेज है। इसी बीच नारी शक्ति वंदन से जुड़े कार्यक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी वाराणसी पहुंचे। इस दौरान महिलाआरक्षण को लेकर उन्होंने पीएम मोदी और केंद्र सरकार की जमकर तारीफ की।
स्मृति ईरानी का अखिलेश यादव को चैलेंज
इसी बीच बीजेपी की फायर नेत्री स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कल सदन में किए गए टिप्पणी पर पलटवार करते हुए बड़ा बयान दे दिया।पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि, बहुत आसान है परंपरागत सीट से चुनाव लड़ना, मुझ जैसी औरत जो कामकाजी है उसने किसी के गढ़ में जाकर परचम गाढ़ा और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हराया। ईरानी ने सपा प्रमुख को चुनौती देते हुए कहा कि, अगर अखिलेश यादव इतना ही दमखम रखते हैं तो परंपरागत सीट छोड़कर गोरखपुर से लड़कर दिखाएं, आसान होता है कामकाजी महिला पर टिप्पणी करना और वह जिन्होंने खुद कभी नौकरी ना कि हो।
गंभीर नेता के पास सीरियल देखने का वक्त नहीं होता
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की सीनियर नेत्री स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए आगे कहा कि, इस बात कि मुझे खुशी है कि उत्तर प्रदेश के राजनीति में विपक्ष में उनका रहना सुनिश्चित है, क्योंकि जो यूपी की राजनीति करता है वह अच्छी तरह से जानता है कि गांव-गांव पात पात जाने में इतना वक्त परिश्रम लगता है कि गंभीर नेता के पास सीरियल देखने का वक्त नहीं होता।
किसी के गढ़ में जाकर हराने का दम नहीं
भारतीय जनता पार्टी की सीनियर नेत्री स्मृति ईरानी ने आगे अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि, मैं स्पष्ट रूप से कह रही हूं कि पैतृक सीट से लड़कर जिन्हें धरोहर में राजनीति मिली है वह ठहाके लगा सकते हैं लेकिन किसी के गढ़ में जाकर हराने का दम मुझे उनमें नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि, जहां तक की महिला आरक्षण विधेयक की बात है अगर उनके द्वारा संसद में इस विधेयक के समर्थन में बात कही जाती तो बड़ा ही प्रोडक्टिव कंट्रीब्यूशन होता।
विपक्ष इतना हल्ला क्यों मचा रहा है
देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने देश को पहली महिला पीएम और पहली महिला राष्ट्रपति का नेतृत्व दिया और अब सरकार के महिला आरक्षण विधेयक को लेकर इस बात पर सवाल उठाया जा रहा है इसके पीछे राजनीतिक मंशा है। इस पर जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी की सीनियर नेत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि, जब उन्होंने महिला नेतृत्व दिया है तो फिर इस आरक्षण के लिए इतना हल्ला क्यों। उन्होंने आगे कहा कि, संवैधानिक व्यवस्था के तहत इस पर समर्थन करना चाहिए, स्वागत करना चाहिए।हालांकि महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के साथ कांग्रेस का कैसा व्यवहार रहा है यह हमने देखा है।