उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर और जापान का आधिकारिक दौरा संपन्न हो गया है। इस दौरे के दौरान हुए एमओयू (MoU) और निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में करीब 5 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद जताई गई है।
जापान में ₹2.4 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
जापान दौरे के दौरान लगभग ₹90,000 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जबकि करीब ₹1.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यह निवेश औद्योगिक विकास, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में होने की संभावना है।
सिंगापुर से भी मजबूत निवेश प्रतिबद्धता
सिंगापुर में ₹60,000 करोड़ के एमओयू और लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव सामने आए। इन समझौतों से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश की छवि मजबूत हुई है और दुनिया का भरोसा राज्य पर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर और जापान के साथ हुए ये समझौते प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
समयबद्ध क्रियान्वयन का भरोसा
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी इन्वेस्ट यूपी और संबंधित विभागों को सौंपी गई है। सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि आम जनता को जल्द लाभ मिल सके। योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह यात्रा केवल समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्किल डेवलपमेंट, औद्योगिक विस्तार और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के माध्यम से प्रदेश के विकास की नई दिशा तय करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये निवेश प्रस्ताव तय समयसीमा में लागू होते हैं, तो उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं।
Comments (0)