उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना को गेम-चेंजर बताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के सीमांत क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के साथ-साथ विकास को नई गति प्रदान करेगी।
सीएम धामी ने केंद्र सरकार का जताया आभार
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमावर्ती गांवों को देश का पहला गांव मानते हुए प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा। इससे इन क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही बुनियादी समस्याओं का समाधान संभव होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से सीमांत गांवों में सड़क बिजली पानी स्वास्थ्य और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
लोगों के जीवन स्तर को बनाएगा बेहतर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास न केवल स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा बल्कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था और सीमाओं को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के सफल क्रियान्वयन से उत्तराखंड के दूरस्थ और सीमांत गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे और राज्य के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।