कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग की ओर से जारी दुर्गा पूजा संबंधी एक विज्ञापन को लेकर राज्य में सियासी विवाद शुरू हो गया है। विज्ञापन में मां दुर्गा की तस्वीर में 10 की जगह 11 हाथ दिखाई देने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और माकपा (CPI-M) ने सरकार तथा भाजपा पर निशाना साधा है। यह विज्ञापन दुर्गा पूजा 2026 की तैयारियों और समन्वय बैठक के प्रचार के लिए जारी किया गया था। सोमवार को मिलन मेला प्रांगण में पूजा कमेटियों के साथ बैठक आयोजित की जानी थी। इसी बैठक से पहले प्रकाशित विज्ञापन में देवी की तस्वीर को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो गई। बंगाली परंपरा और लोकप्रिय धार्मिक मान्यता में मां दुर्गा को आमतौर पर ‘दशभुजा’, यानी दस हाथों वाली देवी के रूप में चित्रित किया जाता है। ऐसे में विज्ञापन में अतिरिक्त हाथ दिखाई देने पर विपक्षी दलों ने इसे सांस्कृतिक चूक बताते हुए सवाल उठाए।
TMC ने सरकार पर साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से विज्ञापन की तस्वीर साझा कर भाजपा और राज्य सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने सवाल उठाया कि सरकारी विज्ञापन में मां दुर्गा को 11 हाथों के साथ दिखाने की गलती कैसे हुई और इसे किस स्तर पर मंजूरी दी गई। TMC ने आरोप लगाया कि दुर्गा पूजा बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ी है। पार्टी ने इसी आधार पर सरकार पर बंगाल की संस्कृति को लेकर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि विज्ञापन तैयार होने और प्रकाशित होने से पहले उसकी तस्वीर की जांच क्यों नहीं की गई।
कुणाल घोष ने भी कसा तंज
तृणमूल नेता और प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी सोशल मीडिया पर विज्ञापन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मां दुर्गा के पारंपरिक स्वरूप का हवाला देते हुए पूछा कि देवी के 11वें हाथ और उसमें दिखाए गए अतिरिक्त अस्त्र का आधार क्या है। कुणाल घोष ने इसे सरकार की कथित सांस्कृतिक समझ से जोड़ते हुए भाजपा पर राजनीतिक हमला किया।
माकपा नेता शतरूप घोष ने भी घेरा
माकपा नेता शतरूप घोष ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तंज कसा। उन्होंने विज्ञापन में मां दुर्गा के 11 हाथ दिखाई देने को लेकर सवाल उठाते हुए इसे सरकारी विज्ञापन में हुई गंभीर चूक बताया। इस तरह एक विज्ञापन में दिखाई गई तस्वीर ने दुर्गा पूजा से पहले राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
शमिक भट्टाचार्य ने बताया विज्ञापन एजेंसी की गलती
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की तस्वीर में अतिरिक्त हाथ दिखाई देना जानबूझकर की गई गलती नहीं है, बल्कि विज्ञापन तैयार करने वाली एजेंसी की तकनीकी चूक है। उन्होंने कहा कि ऐसी गलती को सुधारा जा सकता है और इसे राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। शमिक भट्टाचार्य ने हल्के अंदाज में यह भी टिप्पणी की कि इस तस्वीर में मां दुर्गा ‘और अधिक शक्तिशाली’ हो गई हैं। भाजपा की ओर से दी गई इस सफाई के बाद भी विज्ञापन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विवाद का केंद्र फिलहाल यही है कि सरकारी विज्ञापन में धार्मिक प्रतीक की तस्वीर प्रकाशित होने से पहले उसकी पर्याप्त जांच क्यों नहीं की गई।