बैरकपुर: हाल ही में बैरकपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचीं पानीहाटी की विधायक और अभया की मां रत्ना देवनाथ ने अपनी बेटी के मामले में अब तक न्याय नहीं मिलने को लेकर खुलकर अपनी पीड़ा जाहिर की। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बदल गई, लेकिन न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
‘सब कुछ पानी की तरह साफ, फिर भी न्याय नहीं’
रत्ना देवनाथ ने कहा कि मामले से जुड़ी कई बातें उनके अनुसार पानी की तरह साफ हैं। इसके बावजूद न्याय की प्रक्रिया उस दिशा में आगे बढ़ती नजर नहीं आ रही, जिसकी परिवार लंबे समय से उम्मीद कर रहा है। उन्होंने इसी को लेकर मौजूदा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
ग्रुप-D कर्मचारी का भी किया जिक्र
अभया की मां ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना से जुड़ी एक अहम बात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक ग्रुप-D कर्मचारी ने कथित तौर पर अभया का शव पड़ा हुआ देखा था और वह यह दृश्य देखकर बेहोश तक हो गया था।
‘कर्मचारी का ट्रांसफर हो गया, लेकिन न्याय?’
रत्ना देवनाथ ने कहा कि जिस ग्रुप-D कर्मचारी का उन्होंने जिक्र किया, उसका बाद में दूसरे स्थान पर तबादला कर दिया गया। इसी बात को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि जब संबंधित लोगों के स्तर पर कार्रवाई या तबादले हो सकते हैं, तो फिर उनकी बेटी के मामले में न्याय का इंतजार कब खत्म होगा।
मौजूदा सरकार से सीधा सवाल
अभया की मां ने मौजूदा सरकार की ओर इशारा करते हुए सवाल किया कि सत्ता परिवर्तन के बाद भी अगर परिवार को न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, तो आखिर इस मामले में आगे की दिशा क्या है। उनका कहना है कि उनकी लड़ाई आज भी अपनी बेटी के लिए न्याय हासिल करने की है।
‘राजनीति मेरी पसंद नहीं थी’
रत्ना देवनाथ ने यह भी कहा कि राजनीति कभी उनकी पसंद नहीं रही। उनकी बेटी अभया को भी राजनीति में कोई रुचि नहीं थी। इसके बावजूद परिस्थितियों ने उन्हें राजनीति में आने के लिए मजबूर किया।
सरकार बदलने की उम्मीद में उतरीं राजनीति में
उन्होंने बताया कि लोग उनसे कहा करते थे कि तत्कालीन तृणमूल सरकार के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना होगा और सरकार बदलने के बाद ही अभया को न्याय मिल सकेगा। इसी उम्मीद के साथ उन्होंने राजनीति में कदम रखा और चुनावी मैदान में उतरीं।
सरकार बदली, लेकिन सवाल वहीं
रत्ना देवनाथ के मुताबिक, सरकार बदलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनकी बेटी के मामले में न्याय की प्रक्रिया तेज होगी। लेकिन अब भी न्याय का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। यही वजह है कि उन्होंने मंच से एक बार फिर सवाल उठाया—सरकार बदल गई, लेकिन अभया को न्याय कब मिलेगा?
न्याय की मांग फिर हुई मुखर
बैरकपुर के कार्यक्रम में रत्ना देवनाथ का यह बयान एक बार फिर अभया मामले में न्याय की मांग को चर्चा के केंद्र में ले आया है। एक मां के साथ-साथ विधायक के तौर पर भी उनका सवाल यही है कि लंबे इंतजार के बाद आखिर उनके परिवार को न्याय कब मिलेगा।