आसनसोल: मानसून के दौरान डेंगू और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए पश्चिम बर्दवान के आसनसोल में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत नगर विकास एवं नगर निकाय मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल नगर निगम (AMC) के अधिकारियों के साथ ‘आसनसोल सिटी वॉच कार’ की शुरुआत की। CCTV और आधुनिक निगरानी उपकरणों से लैस ये वाहन शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर साफ-सफाई की स्थिति पर नजर रखेंगे। खास तौर पर खुले में कचरा फेंकने, नालियों में गंदगी डालने और ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी, जिनसे जलजमाव और मच्छरों के प्रजनन की स्थिति पैदा हो सकती है।
दो सिटी वॉच कार से हुई शुरुआत
प्रारंभिक चरण में दो सिटी वॉच कारों को अभियान में लगाया गया है। इन वाहनों में हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे और निगरानी से जुड़े उपकरण लगाए गए हैं। इनके जरिए सड़कों, नालियों, खाली प्लॉट और संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। नगर निगम की योजना आने वाले समय में सभी 10 बोरो के लिए 10 सिटी वॉच कारें तैनात करने की है। इससे निगम क्षेत्र में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की निगरानी को व्यापक बनाया जा सकेगा।
खुले में कचरा फेंकने वालों पर होगी नजर
सिटी वॉच कार का एक प्रमुख उद्देश्य खुले में कचरा फेंकने की समस्या पर लगाम लगाना है। इसके अलावा प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से नालियों के जाम होने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने जैसी गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी। नगर निगम का मानना है कि जलजमाव और गंदगी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकती हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था की निगरानी को डेंगू नियंत्रण अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
पिछले साल के मुकाबले डेंगू मामलों में 18% कमी का दावा
कार्यक्रम के दौरान अग्निमित्रा पॉल ने नगर निगम के कमिश्नर दिलीप मिश्रा और स्थानीय पार्षदों के साथ जागरूकता रैली में भी हिस्सा लिया। मंत्री ने दावा किया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष आसनसोल में डेंगू के मामलों में 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मामलों में कमी को लेकर संतुष्ट होकर बैठने का समय नहीं है। सरकार डेंगू और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ काम कर रही है।
डेंगू रोकने में लोगों की भी अहम भूमिका
मंत्री ने लोगों से अपने घर और आसपास के इलाकों में पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के प्रयास से डेंगू को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सकता। इसके लिए नागरिकों को भी कचरा निर्धारित स्थान पर डालने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करना होगा।
खाली प्लॉट के मालिकों पर भी कार्रवाई
डेंगू नियंत्रण अभियान के तहत लंबे समय से खाली पड़े उन प्लॉटों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां झाड़ियां उगी हैं या पानी जमा हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे जमीन मालिकों को नोटिस दिया जा सकता है और निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई तथा जुर्माने का प्रावधान लागू किया जा सकता है। इसका उद्देश्य उन स्थानों की पहचान करना है, जो मच्छरों के प्रजनन के संभावित केंद्र बन सकते हैं।
डेंगू हॉटस्पॉट पर लगाए जाएंगे फीवर कैंप
किसी इलाके में डेंगू के मामले बढ़ने या क्लस्टर बनने की स्थिति में वहां फीवर कैंप लगाए जाने की योजना है। इन शिविरों के जरिए बुखार से पीड़ित लोगों की जांच और डेंगू की पहचान में मदद की जाएगी। जरूरत के मुताबिक मुफ्त या रियायती दरों पर जांच की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है।
निगरानी से लेकर जागरूकता तक पर जोर
आसनसोल में शुरू की गई सिटी वॉच कार व्यवस्था को डेंगू नियंत्रण के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था पर निगरानी के लिए भी अहम कदम माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि CCTV निगरानी और संभावित कार्रवाई के जरिए खुले में कचरा फेंकने तथा जलजमाव जैसी समस्याओं पर कितनी प्रभावी रोक लगती है।