कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की ओर से आयुष्मान भारत PM-JAY यानी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। सरकार का दावा है कि योजना के जरिए लोगों को इलाज के खर्च के बोझ से राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
3.23 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी स्वास्थ्य बीमा के दायरे में
आयुष्मान भारत PM-JAY के तहत पश्चिम बंगाल में अब तक 3.23 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। इन लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा कवर का लाभ मिल सकता है, जिससे गंभीर बीमारी या महंगे इलाज की स्थिति में आर्थिक मदद मिल सकेगी।
31,541 लोगों को मिला कैशलेस इलाज
योजना के तहत पश्चिम बंगाल के 31,541 आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को सूचीबद्ध अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिली है। इनमें कुछ मरीजों का इलाज पूरा हो चुका है, जबकि कुछ का उपचार अभी जारी है।
राज्य से बाहर भी इलाज की सुविधा
आयुष्मान भारत PM-JAY का लाभ केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहा। राज्य के बीमार नागरिकों, प्रवासी श्रमिकों और इलाज की जरूरत वाले 716 लोगों को देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित उन्नत चिकित्सा संस्थानों में भर्ती और उपचार की सुविधा मिली है या मिल रही है।
गांव से शहर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। गांवों से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे कोई
पश्चिम बंगाल सरकार के अनुसार, आयुष्मान भारत PM-JAY के जरिए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास जारी है। सरकार का लक्ष्य है कि पैसों की कमी किसी व्यक्ति के इलाज में बाधा न बने और जरूरतमंद लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।