पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है। इसी बीच राज्य सरकार में मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर के गठबंधन पर तीखा हमला बोला है।
फिरहाद हकीम ने आरोप लगाया कि “बाबरी मस्जिद के नाम पर राजनीतिक पार्टी बनाई जा रही है और इसकी फंडिंग कहां से हो रही है, यह बड़ा सवाल है।” उन्होंने कहा कि जिस तरह से ओवैसी की पार्टी को फंड मिलता है, उसी तरह हुमायूं कबीर की पार्टी को भी फंडिंग मिल रही है।
उन्होंने साफ कहा कि बंगाल में मुस्लिम वोट बंटने की जो बातें कही जा रही हैं, वह पूरी तरह निराधार हैं। हकीम के मुताबिक, “हर मुस्लिम, हर हिंदू, हर सिख और हर ईसाई जानता है कि जब तक तृणमूल कांग्रेस है, वे सुरक्षित हैं।”
TMC नेता ने आगे कहा कि “बंगाल, गुजरात नहीं बनेगा और न ही यूपी बनेगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य के लोग सांप्रदायिक राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।
AIMIM और जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए हकीम ने कहा कि यह गठबंधन केवल चुनाव को बहुकोणीय बनाने की कोशिश है, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि पहले भी ओवैसी बंगाल में चुनाव लड़ चुके हैं और उनका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा था। इस बार भी तृणमूल कांग्रेस ही जीत दर्ज करेगी।