बारासात: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 22 जुलाई की देर रात तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता अबुल हसन को कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा जबरन घुटनों के बल बैठाने और ज़मीन पर लेटने के लिए मजबूर किया गया।
हत्याकांड के पुराने मामले से जुड़ा है विवाद
सूत्रों के अनुसार, कुछ साल पहले अबुल हसन पर भाजपा के एक कार्यकर्ता की हत्या का गंभीर आरोप लगा था। आरोप है कि उस समय तत्कालीन तृणमूल शासन के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में अबुल हसन पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी।
देर रात घर से निकालकर किया गया प्रताड़ित
राज्य में सत्ता परिवर्तन के दो महीने बाद, 22 जुलाई की देर रात कथित भाजपा कार्यकर्ताओं ने अबुल हसन के घर पर दस्तक दी। इसके बाद उसे ज़बरदस्ती घर से बाहर निकाला गया और सड़क पर घुटनों के बल बैठने व ज़मीन पर लेटने के लिए मजबूर किया गया।
भाजपा का आरोपों से इनकार और जिला अध्यक्ष का बयान
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा के बारासात संगठनात्मक ज़िला अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस घटना में भाजपा या उसके किसी कार्यकर्ता का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि सालों से टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा आम नागरिकों पर किए जा रहे अत्याचारों का आक्रोश जनता के बीच था, और स्थानीय लोगों ने ही अबुल हसन से अपना बदला लिया है।