कोलकाता की प्रसिद्ध दुर्गा पूजा में अपनी अनूठी कला के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर कलाकार सनातन डिंडा के काम से जुड़ी एक पूजा इस साल विवादों के घेरे में आ गई है। अपनी कला और थीम के लिए चर्चित बेहला यंग मेंस एसोसिएशन (Behala Young Mens Association) के इस साल के पूजा पोस्टर पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। आरोप है कि क्लब के एक वायरल पोस्टर में तबले की तस्वीर के साथ 'फाँकीर हुसैन' लिखकर महान तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का अपमान किया गया है, जिसके बाद बढ़ते दबाव के चलते क्लब और कलाकार दोनों को सफाई देनी पड़ी है।
बेहला यंग मेंस एसोसिएशन का 77वां वर्ष और 'छुट्टी' थीम
इस साल अपने 77वें वर्ष में प्रवेश कर रहे बेहला यंग मेंस एसोसिएशन की पूजा का मुख्य विषय 'छुट्टी' रखा गया है। इस थीम के जरिए एआई (AI) के इस आधुनिक युग और अतीत के बचपन के बीच के अंतर को बेहद खूबसूरती से दर्शाने की योजना है। आयोजकों का उद्देश्य बच्चों को उनकी पुरानी कल्पनाओं और उस सहज आनंद से रूबरू कराना है, जो आज की डिजिटल दुनिया में कहीं खो सा गया है। इस भव्य मंडप और प्रतिमा निर्माण की पूरी जिम्मेदारी प्रख्यात कलाकार सनातन डिंडा के कंधों पर है।

पोस्टर पर 'फाँकीर हुसैन' लिखे जाने से सोशल मीडिया पर आक्रोश
विवाद की शुरुआत तब हुई जब क्लब के कुछ प्रचार पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। इनमें से एक पोस्टर पर तबले की तस्वीर के साथ कथित तौर पर 'फाँकीर हुसैन' लिखा हुआ था। नेटिज़न्स और संगीत प्रेमियों ने दावा किया कि यह प्रख्यात एवं दिवंगत तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन पर सीधा कटाक्ष और उनका अपमान है। सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि एक कलाकार दूसरे कलाकार का अनादर कैसे कर सकता है और क्लब से तुरंत सार्वजनिक माफी की मांग की गई।
क्लब अधिकारियों की सफाई और सार्वजनिक रूप से माफी
बढ़ते विवाद और चौतरफा दबाव के बीच आखिरकार बेहला यंग मेंस एसोसिएशन के अधिकारियों ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्टीकरण दिया है। क्लब का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल इस वर्ष के विषय (थीम) के अनुकूल बच्चों जैसी मासूम प्रस्तुति को जिज्ञासा पैदा करने के लिए सामने लाना था। उनका किसी भी दिग्गज हस्ती को छोटा दिखाने या ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। यदि इस विषय से किसी भी कलाकार या व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे बिना किसी संकोच के इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं।
मूर्तिकार सनातन डिंडा ने खुद को विवाद से किया अलग
इस पूरे विवाद के केंद्र में आए प्रसिद्ध कलाकार सनातन डिंडा ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने एक मीडिया संस्थान से बातचीत में बताया कि उनका काम केवल पूजा की थीम, मंडप सज्जा और प्रतिमा तैयार करने तक सीमित है। पोस्टर डिजाइनिंग या उसके निर्माण से उनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। क्लब प्रबंधन ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि इस विवादास्पद पोस्टर को तैयार करने में कलाकार सनातन डिंडा की कोई भूमिका नहीं थी।