बीरभूम: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के नानूर थाना क्षेत्र के बनग्राम गांव में एक बेहद दर्दनाक हादसे में साढ़े तीन वर्ष की मासूम आराध्या घोष की मौत हो गई। खेलते समय उबलते दूध से भरे बड़े बर्तन में गिरने से बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई थी। इलाज के दौरान पूर्व बर्धमान के बर्धमान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेलते-खेलते उबलते दूध की हांडी में गिरी मासूम
जानकारी के अनुसार, शनिवार को आराध्या अपने घर के आंगन में खेल रही थी। उसी समय परिवार के सदस्य छेना (पनीर) बनाने के लिए बड़े बर्तन में दूध उबाल रहे थे। खेलते-खेलते अचानक बच्ची का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे खौलते दूध से भरी हांडी में जा गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
पहले बोलपुर, फिर बर्धमान मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
मासूम की चीख सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे किसी तरह उबलते दूध से बाहर निकाला। गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को तत्काल बोलपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बर्धमान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
छेना बनाने का कारोबार करता है परिवार
मृत बच्ची के पिता ने बताया कि उनका परिवार वर्षों से दूध फाड़कर छेना बनाने का व्यवसाय करता है। रोज की तरह आंगन में बड़े बर्तन में दूध उबाला जा रहा था। इसी दौरान खेल रही उनकी बेटी हादसे का शिकार हो गई। परिवार ने बताया कि यह पूरी तरह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
रविवार को पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए बर्धमान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की औपचारिक जांच कर रही है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। स्थानीय लोग भी शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं।