कोलकाता: भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार से होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने 'ऑपरेशन घुसपैठ The END' के तहत बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। जमीन अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पश्चिम बंगाल के संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में 12 फीट ऊंची स्मार्ट फेंसिंग और आधुनिक सुरक्षा ढांचे का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
मुर्शिदाबाद से सुंदरबन तक मजबूत होगी सीमा सुरक्षा
इस परियोजना के तहत घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील मुर्शिदाबाद के जलांगी सेक्टर में 45.4 किलोमीटर लंबी सीमा पर फेंसिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके लिए करीब 337 एकड़ भूमि BSF को उपलब्ध कराई गई है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की निगरानी में मजबूत कंटीली तारबंदी और ऊंचे सुरक्षा खंभे लगाए जा रहे हैं। वहीं, सुंदरबन के शमशेरनगर से आगे लगभग 90 किलोमीटर लंबे मैंग्रोव और जलक्षेत्र में भी विशेष सीमा सुरक्षा प्रणाली विकसित की जा रही है।
हाई-टेक निगरानी से होगी हर गतिविधि पर नजर
नई सीमा सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। इसमें हाई-रिजोल्यूशन कैमरे, स्मार्ट सेंसर, थर्मल इमेजर, नाइट विजन डिवाइस और ड्रोन सर्विलांस का उपयोग किया जाएगा। सुंदरबन के दलदली और जलीय क्षेत्रों में BSF की फ्लोटिंग बॉर्डर आउटपोस्ट (Floating BOP) और स्पीड बोट्स भी तैनात रहेंगी, जिससे जलमार्ग के जरिए होने वाली घुसपैठ और तस्करी पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
सीमावर्ती गांवों के लोगों ने इस परियोजना का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्मार्ट फेंसिंग बनने के बाद मवेशी तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही, रात के समय होने वाली चोरी और असामाजिक गतिविधियों में भी कमी आने की उम्मीद है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और विश्वास दोनों मजबूत होंगे।