कोलकाता: चुनावी प्रक्रिया के बीच एक अनोखा और अहम फैसला सामने आया है। टी एस शिवगणनम, जो कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं, उनकी अध्यक्षता वाले अपीलीय न्यायाधिकरण ने अपने आवास से ही पहली सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण मामले का निपटारा कर दिया।
यह मामला फरक्का से कांग्रेस प्रत्याशी मेहताब शेख से जुड़ा था, जिनका नाम हालिया मतदाता सूची से हटा दिया गया था। इस कारण वे नामांकन दाखिल नहीं कर पा रहे थे।
घर पर हुई सुनवाई, तुरंत मिला फैसला
अपीलीय न्यायाधिकरण ने इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश के आवास पर ही की और पहली ही अपील में मेहताब शेख के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने का निर्देश दिया। यह इस न्यायाधिकरण द्वारा निपटाया गया पहला मामला भी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया था। शीर्ष अदालत ने मामले के जल्द निपटारे का आदेश देते हुए कहा था कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाला यह न्यायाधिकरण इस पर सुनवाई कर सकता है।
क्या थी मेहताब शेख की शिकायत?
मेहताब शेख का कहना था कि उनका नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन इस बार बिना स्पष्ट कारण के हटा दिया गया। उन्होंने सुनवाई के दौरान अपने पासपोर्ट की कॉपी सहित सभी जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे, इसके बावजूद उनका नाम शामिल नहीं किया गया था।
चुनाव पर असर
मतदाता सूची में नाम शामिल होने के बाद अब मेहताब शेख के लिए नामांकन दाखिल करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे फरक्का सीट पर चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।