कोलकाता: साइबर ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर एक 72 वर्षीय बुजुर्ग को निशाना बनाया और उनसे 54 लाख रुपये की बड़ी ठगी कर ली। ठगों ने बेहद सुनियोजित तरीके से “डिजिटल अरेस्ट” और जांच के नाम पर पीड़ित को डराया और कई दिनों तक मानसिक दबाव बनाकर रकम ट्रांसफर करवाई।
फर्जी कॉल से शुरू हुआ पूरा खेल
पीड़ित के अनुसार, मार्च के आखिरी हफ्ते से उन्हें लगातार संदिग्ध कॉल आने लगे। कॉल करने वालों ने पहले खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और बाद में एक व्यक्ति ने CBI का वरिष्ठ अधिकारी बनकर संपर्क किया। उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देते हुए कहा कि उनके खिलाफ जांच चल रही है।
डर दिखाकर किस्तों में करवाई रकम ट्रांसफर
ठगों ने बुजुर्ग को यह कहकर डराया कि अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उनके रिटायरमेंट फंड और बैंक खाते जब्त कर लिए जाएंगे। भय के माहौल में आकर पीड़ित ने अलग-अलग तारीखों में SBI और PNB खातों से कुल 54 लाख रुपये से ज्यादा की रकम ट्रांसफर कर दी।
शिकायत के बाद खुला मामला
घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और हाउसिंग सोसाइटी के एक सदस्य की मदद से आनंदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस को सभी बैंक लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी सौंप दिए गए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों को किया सतर्क
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह एक संगठित साइबर फ्रॉड का केस लग रहा है, जिसमें ठग सरकारी एजेंसियों का नाम लेकर लोगों को डराते हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल पर भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।