कोलकाता (पश्चिम बंगाल): दक्षिण 24 परगना समेत पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में ईसाई समुदाय और धार्मिक संस्थानों को कथित तौर पर धमकियां दिए जाने के आरोप सामने आए हैं। अंतरराष्ट्रीय कैथोलिक समाचार पोर्टल Crux Now में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, नजट और बामनपुकुर क्षेत्र में मिशनरियों और चर्च से जुड़े लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं के बाद चर्च प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है, जबकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांति बनाए रखने की अपील की।
नजट मिशनरी परिसर में कथित धमकी का मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, 31 जुलाई को कुछ लोगों का एक समूह दक्षिण 24 परगना के नजट स्थित क्लैरिशियन मिशनरी परिसर पहुंचा। आरोप है कि समूह ने मिशनरियों पर धर्म परिवर्तन और विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोप लगाए तथा उन्हें कुछ दिनों के भीतर परिसर छोड़ने की चेतावनी दी। अगले दिन भी कुछ लोग दोबारा वहां पहुंचे और कथित तौर पर वही बातें दोहराईं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बामनपुकुर चर्च में पुलिस पहुंची, माहौल रहा शांत
नजट की घटना के बाद संबंधित समूह के कुछ सदस्य बामनपुकुर स्थित एक चर्च भी पहुंचे। चर्च प्रशासन के अनुसार, एहतियात के तौर पर पैरिश परिषद और स्थानीय लोग वहां एकत्र हुए। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग चर्च परिसर में पहुंच गए। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। किसी बड़े टकराव की सूचना नहीं मिली।
वीडियो और शिकायत पुलिस को सौंपने की तैयारी
चर्च से जुड़े प्रतिनिधियों ने दावा किया है कि घटना से जुड़े वीडियो और अन्य सामग्री कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित संस्थाओं और लीगल सेल को उपलब्ध कराई गई है। साथ ही स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। चर्च प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
चर्च नेताओं और ईसाई संगठनों ने इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और प्रशासन से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सभी समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। वहीं, मामले की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष आने का इंतजार किया जा रहा है।