पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के धुलियान में गायब हुए भाजपा समर्थक सुजीत मंडल का क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कई शीर्ष पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है और मामले की जांच CID को सौंपने की घोषणा की है। नबन्ना (राज्य सचिवालय) में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 28 अगस्त से लापता सुजीत मंडल का शव फराक्का के बल्लालपुर फीडर कैनाल घाट से टुकड़ों में बरामद हुआ था। इस घटना में पुलिस की लापरवाही को देखते हुए कार्रवाई की गई है।
पशु काटने वाले हथियार से की गई हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना की भयावहता बताते हुए कहा कि यह घटना हरगोविंद दास और चंदन दास मामले की याद दिलाती है। सुजीत मंडल की हत्या पशु काटने वाले धारदार हथियार से की गई थी। इस जघन्य हत्याकांड में शामिल तीन मुख्य आरोपियों—समिरुल शेख, ताजफेरा बीबी और जॉनी शेख—को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में ले लिया गया है।
स्थानीय पुलिस की लापरवाही पर गिरी गाज, कई अधिकारी सस्पेंड
परिजनों का आरोप था कि 28 अगस्त को सुजीत के गायब होने के बाद स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई सहयोग या कार्रवाई नहीं की। DGP और गृह सचिव की जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने त्वरित एक्शन लिया:
- सस्पेंड: ASI सुमंत कुमार दास (इंचार्ज, धুলियान DOP) और SI शफीउल आलम (शमशेरगंज पुलिस स्टेशन) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
- क्लोज्ड टू लाइन: शमशेरगंज के IC सुब्रत घोष को लाइन क्लोज कर दिया गया है और नए IC की नियुक्ति की जा रही है।
- ट्रांसफर व चेतावनी: SDPO फराक्का शेख शमसुद्दीन का दंडात्मक तबादला (पनिश्मेंट ट्रांसफर) किया गया है, जबकि SP जंगीपुर को कड़ी चेतावनी दी गई है।
निष्पक्ष न्याय के लिए CID के हवाले जांच
स्थानीय पुलिस के असहयोग और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरी जांच सीआईडी (CID) को सौंपने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
पीड़ित परिवार को 10 लाख का मुआवजा और होमगार्ड की नौकरी
राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को सांत्वना और आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ऐलान किया कि यदि मृतक सुजीत मंडल की पत्नी सहमत होती हैं, तो उन्हें होमगार्ड के पद पर सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी।