कोलकाता: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार में गुरुवार को राज्य के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं और न्याय की मांग की। स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार, हत्या, फर्जी पहचान के जरिए शादी और संदिग्ध मौत जैसे गंभीर मामलों में पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की। मुख्यमंत्री ने सभी की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
नर्सिंग ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार का आरोप
एसएसकेएम अस्पताल की नर्स महुआ माइती ने जनता दरबार में आरोप लगाया कि एसएसकेएम समेत कई सरकारी अस्पतालों में पिछले करीब 15 वर्षों से ट्रांसफर-पोस्टिंग और रेसिप्रोकल रजिस्ट्रेशन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। उनका दावा है कि पसंद-नापसंद के आधार पर पैसों के बदले रजिस्ट्रेशन और पोस्टिंग की जाती रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बेटी की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग
कृष्णनगर की रहने वाली सुतपा आचार्य अपनी बेटी सुदीप्ता आचार्य की हत्या के मामले में न्याय की मांग लेकर मुख्यमंत्री से मिलीं। परिवार का आरोप है कि 2024 में लक्ष्मी पूजा से पहले हुई घटना को शुरुआत में पुलिस ने आत्महत्या बताने की कोशिश की थी। बाद में कानूनी प्रयासों के बाद हत्या का मामला दर्ज हुआ और एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन अब तक पूरी तरह न्याय नहीं मिला है। परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फर्जी पहचान बताकर शादी करने का आरोप
बसीरहाट की निवासी वर्षा बरकंदाज अपनी सात महीने की बच्ची को गोद में लेकर जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति ने 'विजय राय' नाम बताकर शादी की, जबकि उसका वास्तविक नाम मोहम्मद अख्तरुल मंडल है। महिला का दावा है कि आरोपी पहले भी कई शादियां कर चुका है। उन्होंने अपने बच्चे को कानूनी रूप से पिता की पहचान दिलाने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
संदिग्ध मौत में निष्पक्ष जांच की मांग
बारासात की रहने वाली सुस्मिता प्रधान ने अपने 32 वर्षीय बेटे अमित प्रधान की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने जबरन सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज कराया, जबकि घटनास्थल और अमित के रोजाना के रास्ते में कई सवाल खड़े होते हैं। परिजनों का कहना है कि मामले की सच्चाई छिपाई जा रही है और वे स्वतंत्र जांच के जरिए न्याय चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने सुनीं शिकायतें
जनता दरबार में पहुंचे सभी फरियादियों ने अपनी समस्याओं और शिकायतों से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक जांच और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे।