कोलकाता - पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस बीच भाजपा नेत्री केया घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कैंडललाइट मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
'घटना बेहद दर्दनाक और दुखद'
कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान केया घोष ने कहा कि एक छोटी बच्ची की इस तरह निर्मम हत्या पूरे समाज को झकझोर देने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि निर्दोष बच्ची की जान दरिंदों के हाथों चली जाना अत्यंत दुखद है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
सरकार की कार्रवाई का किया जिक्र
भाजपा नेत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले में 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके अनुसार, दो आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है, जबकि तीसरे आरोपी को भी न्यायालय में पेश किया जाना है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
ममता बनर्जी पर लगाए राजनीतिक आरोप
केया घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कैंडललाइट मार्च पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस "राजनीतिक गिद्ध" की तरह व्यवहार कर रही हैं और इस मामले में सांप्रदायिक राजनीति करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस अपने "कोर वोट बैंक" को ध्यान में रखकर इस तरह की राजनीति कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
पीड़िता के परिवार का भी किया उल्लेख
केया घोष ने कहा कि घटना वाले दिन पीड़िता के पिता की मुख्यमंत्री से बातचीत हुई थी और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन से परिवार संतुष्ट बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं बारुईपुर का दौरा करने जा रहे हैं, जबकि ममता बनर्जी केवल लोगों को भड़काने का काम कर रही हैं। बारुईपुर दुष्कर्म और हत्या मामले को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर विभिन्न राजनीतिक दल पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। इस बीच पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
विवाद से जुड़े अन्य मुख्य बिंदु
घटना और कार्रवाई: बारूईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था और एक संदिग्ध की पीट-पीटकर (मॉब लिंचिंग) हत्या भी कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और कई गिरफ्तारियां की हैं।
ममता बनर्जी का आरोप: पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया था कि वह पीड़ित परिवार से मिलने बारूईपुर जाना चाहती थीं, लेकिन राज्य प्रशासन और सुरक्षा बलों ने उनके आवास के बाहर भारी तैनाती कर उन्हें प्रभावी रूप से हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया है।