कोलकाता: कोलकाता के दशबंधु पार्क इलाके में स्थित पार्क इंस्टीट्यूशन फॉर गर्ल्स की 17 नाबालिग छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचाई गई छात्राओं की उम्र 14 से 16 वर्ष के बीच बताई गई है। जानकारी के अनुसार, यह मामला दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाली पाली के दौरान सामने आया। छात्राओं को अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के बाद अस्पताल के सामान्य आपातकालीन विभाग में लाया गया। चिकित्सकों ने सभी छात्राओं की जांच करने के बाद उन्हें निगरानी में रखने का फैसला किया।
एक साथ कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से मचा हड़कंप
पार्क इंस्टीट्यूशन फॉर गर्ल्स की 17 छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। कम उम्र की छात्राओं के एक साथ अस्पताल पहुंचने के बाद उनका तुरंत चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। सभी छात्राओं की उम्र 14 से 16 वर्ष के बीच है। दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे की पाली के दौरान छात्राओं को अस्पताल के सामान्य आपातकालीन विभाग में लाया गया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकीय टीम ने छात्राओं की शिकायतों को समझने के बाद उनकी जांच शुरू की। इसके बाद सभी छात्राओं को चिकित्सकों की निगरानी में रखने की व्यवस्था की गई।

छात्राओं में दिखे अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी लक्षण
अस्पताल पहुंचने वाली छात्राओं में सभी की शिकायत एक जैसी नहीं थी। कुछ छात्राओं ने बुखार होने की बात बताई, जबकि कुछ को पेट में दर्द की समस्या थी। कई छात्राओं ने उल्टी की शिकायत भी की। इसके अलावा कुछ छात्राओं ने सीने में दर्द की बात कही। कुछ छात्राओं को सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत भी थी। अलग-अलग तरह की शिकायतों को देखते हुए चिकित्सकों ने सभी छात्राओं की चिकित्सकीय जांच की।
सामान्य आपातकालीन विभाग में कराया गया उपचार
तबीयत बिगड़ने के बाद सभी छात्राओं को अस्पताल के सामान्य आपातकालीन विभाग में लाया गया। यहां ड्यूटी पर मौजूद आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी ने छात्राओं की प्रारंभिक जांच की। चिकित्सकों ने छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति और उनके द्वारा बताई गई शिकायतों को ध्यान में रखा। जांच के बाद प्रारंभिक उपचार के तौर पर पैरासिटामोल 500 मिलीग्राम और पैंटोप्राजोल 40 मिलीग्राम लेने की सलाह दी गई। छात्राओं ने चिकित्सकों की सलाह के अनुसार दोनों दवाएं लीं।

सीने की जांच के लिए विद्युत हृदय आलेख कराया गया
कुछ छात्राओं द्वारा सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायत किए जाने के बाद चिकित्सकों ने उनके सीने की स्थिति की भी जांच की। इसके तहत छात्राओं का विद्युत हृदय आलेख कराया गया। इस जांच के जरिए चिकित्सकों ने छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया। जांच और प्रारंभिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी छात्राओं को अस्पताल में भर्ती रखने की सलाह दी। इसके बाद उन्हें बाल चिकित्सा विभाग में निगरानी के लिए रखा गया। चिकित्सकीय टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा इलाज
अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद सभी छात्राओं को बाल चिकित्सा विभाग में रखा गया है। यहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। छात्राओं की अलग-अलग शिकायतों को ध्यान में रखते हुए उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रारंभिक जांच और उपचार के बाद फिलहाल छात्राओं की स्थिति कुछ हद तक स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल की ओर से उन्हें निगरानी में रखा गया है ताकि स्वास्थ्य में किसी भी तरह के बदलाव पर तुरंत चिकित्सकीय कदम उठाया जा सके।
फिलहाल छात्राओं की स्थिति स्थिर
अस्पताल में भर्ती 17 छात्राओं की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। छात्राओं को चिकित्सकों की निगरानी में बाल चिकित्सा विभाग में रखा गया है। बुखार, पेट दर्द, उल्टी, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतों के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद दवाएं दीं और आवश्यक जांच भी कराई। इसके बाद छात्राओं को भर्ती कर उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल सभी छात्राओं के स्वास्थ्य पर चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
अस्पताल में भर्ती 17 छात्राओं के नाम
अस्पताल में भर्ती छात्राओं में मनीषा सरकार, प्रिया सरकार, माया रानी सरकार, स्मृति दास, सुमिता ब्रह्मचारी, सुमिता दास और तृषा हलदर शामिल हैं। इनके अलावा नंदिता सरकार, इशिता सरकार, अंबिका सरकार, पंकी भूमि और रीता दास भी अस्पताल में भर्ती हैं। तनुश्री धर, संगीता सरकार, मौमिता मंडल, सुजिया गायेन और स्वर्णाली मंडल का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी छात्राओं की उम्र 14 से 16 वर्ष के बीच बताई गई है। सभी को बाल चिकित्सा विभाग में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
चिकित्सकीय निगरानी में छात्राओं के स्वास्थ्य पर नजर
फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी छात्राओं की स्थिति पर चिकित्सकों की टीम नजर बनाए हुए है। छात्राओं को अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के बाद अस्पताल लाया गया था। प्रारंभिक उपचार और जांच के बाद उन्हें भर्ती कर निगरानी में रखने का निर्णय लिया गया। अस्पताल में छात्राओं के स्वास्थ्य में होने वाले किसी भी बदलाव पर चिकित्सकीय टीम नजर रख रही है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज बाल चिकित्सा विभाग में जारी है।